खंडवा जिले के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से अंग्रेजी और देशी शराब की बिक्री का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। गांवों में न सिर्फ ढाबों, बल्कि किराना दुकानों से भी बेखौफ शराब बेचे जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि इस अवैध कारोबार के कारण गांवों का सामाजिक माहौल लगातार बिगड़ रहा है।
लाड़ली बहनों का आरोप- किस्त की राशि भी शराब में हो रही खर्च
जिला मुख्यालय पहुंचीं पंधाना ब्लॉक की राजगढ़ पंचायत की महिलाओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में किराना दुकानों में भी अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। शाम होते ही किराना दुकान में शराब लेने वालों की लाइन लग जाती है। इन्हें रोकने वाला भी कोई नहीं है। बच्चे भी शराब के आदी हो रहे हैं।
महिलाओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन करते हुए कहा है कि आप जो पैसा दे रहे हैं 1500 रुपये लाडली बहनों को, वह भी शराब पीने में जा रहा है और परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो रहा है। इसके बावजूद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। शराब बिक्री की वजह से गांव का माहौल खराब हो रहा है। परिवार में झगड़े हो रहे हैं। नशाखोरी को बढ़ावा मिल रहा है।
कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचा महिलाओं का विरोध
मंगलवार दोपहर पंधाना ब्लॉक के दिवाल गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। महिलाओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और गांवों में हो रही अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। यह एक महीने के भीतर दूसरी बार है जब महिलाओं को इस मुद्दे पर आंदोलन करना पड़ा।
बच्चों पर भी पड़ रहा नशे का असर
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि किराना दुकानों पर शाम होते ही शराब लेने वालों की कतार लग जाती है और बच्चों पर भी इसका गलत प्रभाव पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि नशाखोरी बढ़ने से गांवों में झगड़े, गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे उनका जीवन असुरक्षित होता जा रहा है।
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दिवाल गांव में देसी शराब निर्माण का आरोप
महिलाओं ने आरोप लगाया कि दिवाल गांव में देसी शराब बनाकर बेची जा रही है। इसे लेकर पहले भी आवेदन और आंदोलन किए गए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। महिलाओं ने प्रशासन से शराब बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई कर गांव को शराब मुक्त करने की मांग की।
आबकारी विभाग का पक्ष
इस मामले में आबकारी अधिकारी अजय सिंह भदौरिया ने बताया कि शिकायत मिलने पर पहले भी कार्रवाई की गई है। महिलाओं के साथ मिलकर दबिश दी गई थी, हालांकि उस समय दुकानें बंद मिली थीं। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी ओर से लगातार कार्रवाई कर रहा है और नई शिकायतों की भी जांच की जाएगी।