देशभर में सोमवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस दिन सुबह से ही कृष्ण मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। वहीं, जन्माष्टमी पर्व के चलते विभिन्न जगहों के श्रीकृष्ण भगवान के मंदिरों में विशेष रूप से साज-सज्जा की गई थी। मध्य प्रदेश के खंडवा नगर स्थित श्री सत्यनारायण मंदिर में भी श्री कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर 51 हजार रुद्राक्ष सहित त्रिशूल और डमरू से मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया। यहां मंदिर में बाबा अमरनाथ की बर्फानी गुफा की झांकी भी बनाई गई, जिसे देर रात तक भक्त निहारते रहे। हर वर्ष इस मंदिर में अलग-अलग थीम पर साज-सज्जा की जाती है। जन्माष्टमी के अवसर पर तो यहां की सजावट आकर्षण का केंद्र रहती है। दर्शन करने आने वाले भक्त सुबह से ही अपने आराध्य देव की पूजा अर्चना करने मंदिर में पहुंच जाते हैं। वहीं रात के समय यहां की सजावट का विशेष आनंद लिया जाता है, जिसके चलते लोग आनंदमय होकर भक्ति भाव के साथ रात में बड़ी संख्या में इस मंदिर में दर्शन करने आते हैं।
खंडवा के श्री सत्यनारायण मंदिर में जन्माष्टमी के का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। देर रात मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर श्री सत्यनारायण मंदिर को विशेष तौर से सजाया गया था। हर वर्ष कुछ अलग थीम पर सजाए जाने वाले इस मंदिर को कोरोना काल में मास्क और कोरोना से बचाव के उपयोग में आने वाली वस्तुओं से सजाया गया था। 15 अगस्त पर इसे तिरंगे के रंग में भी सजाया गया था। इस बार मंदिर में अमरनाथ की तर्ज पर बाबा बर्फानी की झांकी बनाई गई है। साथ ही पूरे मंदिर को 51 हजार रुद्राक्ष, त्रिशूल और डमरू के रूप में सजाया गया। लोग बड़ी संख्या में रात के समय इस मंदिर में परिवार संग दर्शन करने पहुंच रहे थे, जहां वे इन झांकियों के मनमोहक दृश्यों का भी आनंद ले रहे थे। श्री सत्यनारायण मंदिर के ट्रस्टी नारायण बाहेती ने बताया कि प्राचीन सत्यनारायण मंदिर का संचालन माहेश्वरी समाज के ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। यहां प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर अलग-अलग थीम पर सजावट की जाती है।
जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्री कृष्ण के दर्शन करने पहुंचे भक्तों ने बाल गोपाल का पालना भी झुलाया। साथ ही अपने आराध्य देव से अपने मन की मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना की। मंदिर में दर्शन करने पहुंची एक भक्त, कोमल दधीच ने बताया कि मंदिर की साज-सज्जा को देखकर वह काफी प्रसन्न हैं। वह परिवार समेत हर वर्ष श्री सत्यनारायण मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण के दर्शन करने आती हैं। इस मंदिर को सबसे अच्छा सजाया जाता है, जिससे मन प्रसन्न हो जाता है। कोमल ने बताया कि उन्होंने आज मंदिर पहुंचकर सबसे पहले अपने ईष्ट देव को प्रणाम किया, उसके बाद बाल गोपाल को झूला झुलाया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में बनी बाबा अमरनाथ की झांकी के दर्शन भी किए।
देर रात मना कृष्ण जन्मोत्सव, बाबा बर्फानी की बनाई झांकी