मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ में पुलिस ने दूध के नाम पर चल रहे एक बड़े और खतरनाक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ग्राम चाचावदा चौकटिया स्थित एक बाड़े में छापा मारकर नकली दूध बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में सिंथेटिक दूध और इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले घातक रसायन बरामद किए गए हैं।
रात के अंधेरे में चल रहा था 'सफेद जहर' का खेल थाना प्रभारी हरीश मालवीय ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध तरीके से सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा है। इसी आधार पर शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि करीब डेढ़ बजे पुलिस टीम ने चाचावदा चौकटिया के एक बाड़े में दबिश दी। बाड़े के दो कमरों में नकली दूध बनाने का अवैध कारोबार फल-फूल रहा था।
यूरिया और केमिकल्स से तैयार किया जा रहा था दूध मौके पर पहुंची पुलिस और खाद्य विभाग की टीम को वहां से ढाई कट्टे यूरिया, विभिन्न प्रकार के खतरनाक केमिकल्स और अन्य संदिग्ध सामग्रियां मिलीं। आरोपी यूरिया और रसायनों के मिश्रण से दूध को असली जैसा रंग-रूप दे रहे थे, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। छापे के दौरान वहां से 1000 लीटर तैयार नकली दूध जब्त किया गया।
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आरोपी मनीष गिरफ्तार, घरों से भी बरामद हुआ दूध पुलिस ने मामले में फैक्टरी संचालक मनीष (निवासी आगरा, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ और जांच का दायरा बढ़ाते हुए जब पुलिस ने मुख्य आरोपी मनीष और उसके साथी दिनेश गुर्जर के घरों की तलाशी ली, तो वहां से भी 1000 लीटर सिंथेटिक दूध बरामद हुआ। साथ ही 5000 लीटर नकली दूध बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में केमिकल, 50-50 लीटर के दो टैंक और मिलावट के उपकरण जब्त किए गए।
सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए फूड इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह जादौन ने रविवार दोपहर तक मौके पर जांच की और दूध के नमूने लिए। इंस्पेक्टर जादौन ने बताया कि जब्त नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से इस अवैध फैक्ट्री के जरिए आसपास के क्षेत्रों में जहरनुमा दूध की आपूर्ति कर रहा था। फिलहाल पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।