इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अभी थमा भी नहीं था कि मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मनासा कस्बे में जीबीएस (गिलियन-बैरे सिंड्रोम) वायरस से दो लोगों की मौत ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जीबीएस संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है।
मनासा पहुंचे राजेंद्र शुक्ल
शनिवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल नीमच जिले के मनासा पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और प्रभावित मरीजों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संक्रमण की रोकथाम और मरीजों के समुचित उपचार के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
बच्चों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट
जानकारी के अनुसार, बीते एक सप्ताह से मनासा क्षेत्र में जीबीएस वायरस के मामले सामने आ रहे हैं। रामनगर इलाके में सबसे पहले लोगों को पैरों में कमजोरी, सुई जैसी चुभन और दर्द की शिकायत हुई। धीरे-धीरे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी, जिसके बाद जीबीएस के लक्षणों की चर्चा पूरे क्षेत्र में फैल गई। दो कम उम्र के बच्चों की मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया।
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स्थिति पर रखी जा रही नजर
फिलहाल दस से अधिक मरीजों का उदयपुर, अहमदाबाद सहित अन्य स्थानों पर उपचार जारी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीमें भोपाल और उज्जैन से विशेषज्ञों के साथ लगातार क्षेत्र में सर्वे और स्क्रीनिंग कर रही हैं। शुक्रवार को उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने भी मनासा का दौरा किया था। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की घर-घर सर्वे टीम और जीबीएस स्क्रीनिंग कार्य का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।