राजगढ़ जिला अस्पताल चौकी में पदस्थ एएसआई जेल सिंह के साथ 5 नवंबर की रात में 4 युवकों ने डॉक्टर से बहस करने से मना करने पर मारपीट और लूटपाट की। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर बुधवार को उन्हें गिरफ्तार किया। मेडिकल कराने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। जिला अस्पताल में लगातार हो रही घटनाओं के कारण सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। डॉक्टर भी आत्मरक्षा के लिए बंदूक के लाइसेंस की मांग कर रहे हैं।
एसडीओपी दिनेश शर्मा ने बताया कि 5 नवंबर की रात जिला अस्पताल राजगढ़ में अमर सिंह अपने ड्यूटी रूम में थे। उनके साथ सहायक उप निरीक्षक जैल सिंह और सहायक उप निरीक्षक अमृतलाल भी मौजूद थे। देर रात संजीव त्रिपाठी अपनी मां के इलाज के लिए अस्पताल आया और डॉक्टर से बहस करने के बाद वापस चला गया। थोड़ी देर बाद, संजीव अपने तीन साथियों - अश्विन सोनी, हरीश गिरी और दीपेंद्र सिंह के साथ वापस आया और डॉक्टर से नाम पूछने को लेकर बहस और अभद्र व्यवहार करने लगा। एएसआई जैल सिंह ने ऐसा करने से मना किया तो चारों आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और 1,000 रुपये व मोबाइल छीन लिया।
एएसआई जैल सिंह की शिकायत पर कोतवाली थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ धारा 309(6), 132, 121(1), 221, 324(4), 296 बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया और मामले की विवेचना में लिया गया। मेडिकल जांच के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
बता दें कि राजगढ़ जिला अस्पताल में एक सप्ताह के भीतर डॉक्टरों से अभद्रता का यह दूसरा मामला है, जिससे डॉक्टरों में नाराजगी है। अपनी सुरक्षा के लिए डॉक्टर अब बंदूक के लाइसेंस की मांग कर रहे हैं। इसे देखते हुए राजगढ़ एसपी ने तीन शिफ्ट में 15 पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल में सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है।