सागर उत्तर वन मंडल के खुरई रेंज अंतर्गत आने वाली वन चौकी जरूवाखेड़ा के जंगल से एक के बाद एक कुत्तों का झुंड गांव की तरफ दौड़ते जा रहे थे। इन कुत्तों को देखने वालों को कौतूहल हुआ, तभी लोगों ने नगर पालिका परिषद खुरई के वाहन को जंगल के अंदर जाते देखा, जिस पर कोई नंबर नहीं था, जिसमें बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते भरे हुए थे। जिनके मुंह रस्सी से कस कर बंधे थे, जो तेज आवाज में सांसें खीचकर हांफ रहे थे।
नगर पालिका परिषद के इस वाहन में प्रवेश वाल्मीकी (चालक) अभिषेक वाल्मीकि, अजय, राज वाल्मीकि, अनंतराम सवार थे, जो इन कुत्तों को वाहन से उतार कर श्रीसिद्ध क्षेत्र ठाकुर बाबा मंदिर और जरुवाखेड़ा के बीच जंगल में एक-एक करके छोड़ रहे थे।
लोगों ने जताया विरोध
कुत्तों को जंगल में छोड़ने की सूचना लोगों ने ग्राम पंचायत सरपंच लखन चढार और स्थानीय पत्रकारों को दी। जब आवारा कुत्तों को छोड़ने वाले लोगों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नगर पालिका परिषद सीएमओ दुर्गेश सिंग ठाकुर के आदेश पर इन आवारा कुत्तों को जंगल में छोड़ा जा रहा है। इस मामले में नगर पालिका परिषद खुरई के कर्मचारी बोले कि हम सभी लोग तो कर्मचारी हैं और आदेश का पालन कर रहे हैं। जब उनसे लिखित आदेश के बारे में पूछा तो उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं मिला।
जंगल में आवारा कुत्ते छोड़ने की बात खुरई वन परिक्षेत्र के रेंजर चंद्र भूषण सिंह ठाकुर से पूछा तो उन्होंने बताया कि इस मामले में नगर पालिका खुरई सीएमओ से बात करूंगा, जंगल में आवारा कुत्ते छोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है, यह नियम विरूध है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुत्तों को छोड़ने से वन्य प्राणियों की जान को खतरा भी हो सकता है और यह वन प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन हैं। वहीं श्री सिद्ध क्षेत्र ठाकुर बाबा ट्रस्ट मंदिर अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत ने बताया कि ठाकुर बाबा मंदिर के आसपास या जंगल में आवारा कुत्तों और जानवरों को नहीं छोड़ा जाना चाहिए, क्योंकि मंदिर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और ऐसे में श्रद्धालुओं को कुत्ते नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। कोई घटना घटित ना हो इसलिए आवारा कुत्तों को ऐसी जगह जंगल में न छोड़े।
इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया से बात की तो उन्होंने बताया कि किस अधिकारी के निर्देश पर आवारा कुत्तों को ग्राम के पास जंगल में छोड़ा जा रहा है,इस संबंध में सीएमओ से बात करूंगा.
नगर पालिका परिषद खुरई के इंजीनियर शैलेंद्र लोधी से आदेश के संबंध में पूछा तो उन्होंने बताया कि आदेश नही है लेकिन खुरई शहर के अंदर आवारा कुत्तों को पकड़ कर शहर के बाहर जंगल में छोड़ने की कार्रवाई की जा रही हैं, गाड़ी में मात्र 6 से 7 कुत्ते हैं, उन्हें छोड़ने से मना कर वापस बुला लिया है।