प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'हर घर नल से जल' योजना योजना का सपना रहली ब्लॉक में जल निगम एवं पीएचई विभाग की लापरवाही के चलते अधूरा रह गया है। ब्लॉक के कई गांवों में चार साल बाद भी ग्रामीण अपने घरों में नलों से पानी आने की राह देख रहे हैं। अधिकारियों की मिलीभगत से जल जीवन मिशन यहां पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है।
योजना के तहत पाइपलाइन बिछाते समय गांवों की सड़कें खोदी गई थीं, लेकिन उनकी मरम्मत अब तक नहीं की गई, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरपंचों और ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ रही है।
नबलपुर पंचायत के दो गांवों में योजना पूरी तरह फेल
रहली ब्लॉक की ग्राम पंचायत नबलपुर के अधीनस्थ हर्रा और सहुआ गांव में तीन साल पहले जल जीवन मिशन के तहत नलजल योजना का कार्य ठेकेदार के माध्यम से शुरू किया गया था। लेकिन घटिया निर्माण के कारण ग्रामीणों को अब तक इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
सूत्रों के मुताबिक, जल निगम द्वारा ठेकेदार के माध्यम से बनाई गई पानी की टंकी का निर्माण खराब गुणवत्ता के साथ किया गया, जिससे गांवों में पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है। नतीजतन, दोनों गांवों के ग्रामीण गांव के बाहर स्थित एकमात्र बोरवेल से पानी लाने को मजबूर हैं।
गर्मी में और बढ़ेगा जल संकट
हर्रा निवासी उमाशंकर भटेले ने बताया कि "नलजल योजना पूरी तरह विफल हो चुकी है। घरों में पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन पानी की एक बूंद तक नहीं आ रही है।"
जल संकट से जूझ रहे दोनों गांवों के लोग काम-धंधा छोड़कर पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। गर्मी के दिनों में यह समस्या और गंभीर होने की आशंका है। जनपद के अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मामले में जवाबदेही लेने को तैयार नहीं हैं और किसी भी सवाल से बच रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे और जल जीवन मिशन का लाभ सही मायनों में सभी तक पहुंचाया जाए।