केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा, मेरा काम नल-टोटी लगाना या ठीक करना नहीं है। कहां नल लगाना है, यह देखना मेरा काम नहीं। सरकार ने पानी के लिए टंकी बनाई है, लाइन दी है। यह सुनिश्चित करना आपका काम है कि घर-घर लोगों तक जल पहुंचे।
दरअसल, केंद्रीय कृषि मंत्री और विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को बुधनी विधानसभा के गांव चकल्दी और सेमलपानी पहुंचे थे, जहां चकल्दी में ग्रामीणों ने उन्हें पानी की समस्या बताई। लोगों ने कहा कि नल-जल योजना के तहत सिर्फ 10 मिनट पानी मिलता है। कई बार पानी आता ही नहीं। इससे पीने के पानी का संकट बना रहता है। शिकायत सुनने के बाद ही शिवराज सिंह चौहान अफसरों पर भड़क गए। नाराजगी जताते हुए उन्होंने मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद कलेक्टर बालागुरू के. और पीएचई विभाग, जल निगम के अधिकारियों से कहा कि यह गंभीर स्थिति है। सरकार का काम पानी उपलब्ध कराना है। घरों तक पहुंचाना अफसरों की जिम्मेदारी है। शिवराज सिंह चौहान का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
अधिकारियों ने तकनीकी खराबी की बात कही। इस पर शिवराज ने कहा कि मेरा काम टोंटी और नल ठीक करना नहीं है। सरकार ने योजना बनाकर नहर और डैम बनाए हैं। नर्मदा का जल उपलब्ध कराया है। अब हर घर तक पर्याप्त पानी पहुंचे, यह जिम्मेदारी अफसरों की है। शिवराज ने अधिकारियों से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। ग्रामीणों ने एक और पानी की टंकी की मांग भी की। सेमलपानी में आगजनी की घटना के पीड़ितों को शिवराज ने राहत राशि दी। उन्होंने कहा कि किसी को भी परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
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एक बार पहले भी दे चुके अल्टीमेटम
शिवराज सिंह चौहान के इस सख्त रवैये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह पहली बार नहीं है, जब सीहोर जिले में पानी की समस्या को लेकर शिवराज ने अधिकारियों को फटकार लगाई है। इससे पहले भी 2021 में अपनी पैतृक गांव जैत पानी की कमी को लेकर शिवराज ने अधिकारियों को 15 दिन में स्थिति सुधारने का अल्टीमेटम दिया था। उस समय भी उनका वीडियो वायरल हुआ था और विपक्षी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।