सीहोर जिले के दोराहा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कोटा से नागपुर जा रहे अमोनिया गैस से भरे एक टैंकर में अचानक रिसाव शुरू हो गया। जहरीली और दमघोंटू गैस के रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड ने हाई अलर्ट घोषित करते हुए मौके पर मोर्चा संभाल लिया। सुरक्षा एजेंसियों की तेज कार्रवाई और प्रशासनिक सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया। यदि गैस आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंच जाती तो स्थिति भयावह हो सकती थी।
जानकारी के अनुसार अमोनिया गैस से भरा टैंकर राजस्थान के कोटा से महाराष्ट्र के नागपुर की ओर जा रहा था। जब टैंकर सीहोर जिले के सोनकच्छ टोल प्लाजा के समीप पहुंचा, तभी उसमें तकनीकी खराबी के कारण गैस का रिसाव शुरू हो गया। टैंकर चालक ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी। देखते ही देखते क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पुलिस कंट्रोल रूम तक सूचना पहुंच गई।
ये भी पढ़ें- दुष्कर्म के आरोप में डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार, महिला ने की शादी का झांसा देकर अस्मत लूटने की शिकायत
पुलिस ने संभाला मोर्चा, इलाके की कराई घेराबंदी
गैस रिसाव की खबर मिलते ही दोराहा थाना पुलिस पूरी ताकत के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने सबसे पहले टैंकर को टोल प्लाजा के पास सुरक्षित स्थान पर रुकवाया और आसपास के क्षेत्र को खाली कराना शुरू किया। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई ताकि किसी भी नागरिक या राहगीर को खतरे का सामना न करना पड़े। हाईवे से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई और जरूरत पड़ने पर यातायात को नियंत्रित किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने हालात को बिगड़ने से पहले ही काबू में कर लिया।
एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की विशेष टीमों की एंट्री
घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और फायर ब्रिगेड की विशेष टीमों को तत्काल मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा उपकरणों से लैस विशेषज्ञ टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गैस के फैलाव को रोकने की रणनीति बनाई। विशेषज्ञों ने टैंकर के रिसाव वाले हिस्से की पहचान कर तकनीकी प्रक्रिया शुरू की। टीमों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आसपास के वातावरण की लगातार मॉनिटरिंग की ताकि गैस का प्रभाव किसी अन्य क्षेत्र तक न पहुंचे।
एसडीओपी ने कहा- स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
घटना को लेकर एसडीओपी पूजा शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल सक्रिय हो गए थे। सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं और रिसाव को पूरी तरह बंद करने के लिए तकनीकी प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है तथा आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
ये भी पढ़ें- सिवनी-जबलपुर मार्ग पर कांग्रेस विधायक की कार में लगी आग, हादसे के बाद गाड़ी हुई लॉक; ऐसे बची जान
अमोनिया गैस क्यों होती है बेहद खतरनाक
अमोनिया गैस को औद्योगिक उपयोग के लिए बड़े पैमाने पर परिवहन किया जाता है, लेकिन इसका रिसाव अत्यंत खतरनाक माना जाता है। यह गैस आंखों, नाक और श्वसन तंत्र पर सीधा प्रभाव डालती है। अधिक मात्रा में संपर्क होने पर सांस लेने में गंभीर परेशानी, आंखों में जलन और दम घुटने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि अमोनिया गैस घनी आबादी वाले क्षेत्र में फैल जाए तो बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। यही कारण है कि इस प्रकार की घटनाओं को आपदा की श्रेणी में रखा जाता है।
हाईवे पर कुछ देर रही सतर्कता, लोगों ने ली राहत की सांस
घटना के चलते सोनकच्छ टोल प्लाजा और आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए विशेष सतर्कता बरती गई। पुलिस बल लगातार मौके पर तैनात रहा और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए रहीं। जैसे-जैसे रिसाव नियंत्रण में आता गया, लोगों ने राहत की सांस ली। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने भी प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। समय रहते उठाए गए कदमों ने एक संभावित बड़े औद्योगिक हादसे को टाल दिया।

सीहोर में अमोनिया गैस रिसाव से मचा हड़कंप