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Sehore News: सीहोर जिले में तेंदुए का आतंक, कई मवेशियों को बनाया शिकार, रात के समय करता है हमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Mon, 24 Mar 2025 02:35 PM IST
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सीहोर जिले के अहमदपुर थाना क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांव में तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। तेंदुआ पिछले कुछ दिनों में कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। तेंदुआ रात के समय हमला बोलता है, जिससे ग्रामीणों को मवेशियों की सुरक्षा के लिए रात्रि जागरण करना पड़ता है। ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है। अहमदपुर थाना क्षेत्र के बरखेड़ाहसन, सीलखेड़ा, जुगराजपुरा में पिछले कई दिनों से तेंदुए का आतंक जारी है। तेंदुआ कई मवेशियों का शिकार बना चुका है, जिससे किसानों में दहशत फैल गई है। तेंदुए के हमले से कई मवेशियों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि तेंदुआ लोगों के लिए भी खतरा बना है। कभी भी लोगों पर भी हमला बोल सकता है। ग्रामीणों में खेतों में धमाचौकड़ी करते हुए वीडियो भी बनाया है। जिसे वन विभाग के हवाले करते हुए मदद की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांगी मदद
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ रात के समय में हमला करता है, जिससे उन्हें अपने मवेशियों की सुरक्षा के लिए रात भर जागना पड़ता है। उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकडऩे की मांग की है, ताकि उनके मवेशियों की सुरक्षा निश्चित हो सके। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया गया है। ग्रामीणों उन्हें तेंदुए के हमले की जानकारी मिली है, और वे जल्द ही कार्रवाई करेंगे। उन्होंने किसानों से अपने मवेशियों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की अपील की है।
सीहोर के जंगलों में 400 से अधिक तेंदुए
वन विभाग की माने तो सीहोर के जंगलों में वन प्राणियों की अच्छी खासी संख्या है। सीहोर के जंगलों में बाघ (टाइगर) 20, तेंदुआ- 400, सियार- 800, हिरण -1500, भालू -300, सांभर-250, चीतल-1200, नीलगाय-150, भेडक़ी-600, गिद्ध-519 है। हालांकि वन प्राणियों की जनसंख्या की लंबे समय से गिनती नहीं है। वन प्राणियों की अच्छी संख्या होने के कारण गर्मी के दिनों में वन प्राणी रहवासी क्षेत्रों में आ जाते हैं। इससे लोगों के लिए खतरा पैदा हो जाता है।
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