शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का बड़ा खेल खुलेआम जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने पूरे मामले की पोल खोल दी है। वीडियो में रेत से भरे हाइवा के चालक और परिचालक खुद स्वीकार करते सुनाई दे रहे हैं कि रेत कल हथा घाट से लाई गई है। हैरानी की बात यह है कि जिले में फिलहाल किसी भी रेत खदान का वैध ठेका संचालित नहीं है। इसके बावजूद दिनदहाड़े भारी वाहन रेत लोड कर जैतपुर नगर से गुजर रहे हैं।
कई घाटों पर दिन रात होती थीं चोरी की घटनाएं
ग्रामीणों का आरोप है कि गाड़ाघाट, गलहथा समेत कई घाटों से रात-दिन रेत की चोरी हो रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद न खनिज विभाग कार्रवाई कर रहा है और न ही पुलिस। स्थानीय लोगों ने खनिज विभाग और जैतपुर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर जैतपुर थाने में पदस्थ एक आरक्षक यादव का नाम भी चर्चाओं में है, जिस पर पहले भी आरोप लग चुके हैं।
बड़ी संख्या में पोकलेन और जेसीबी मशीनों से लोड होती है रेत
ग्रामीणों का कहना है कि नदी के भीतर बड़े पैमाने पर पोकलेन और जेसीबी मशीनों से रेत लोड की जाती है। विरोध बढ़ने पर जब पुलिस या खनिज विभाग मजबूरी में वाहन पकड़ता है तो वाहन मालिक छत्तीसगढ़ की खदानों से तत्काल टीपी जारी करवा लेते हैं। इससे पूरे नेटवर्क में मिलीभगत की आशंका और गहरी हो गई है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवैध उत्खनन से नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मौन बने हुए हैं।
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वहीं, इस मामले में जब जिला खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य से बात की गई तो उन्होंने कहा अगर जैतपुर क्षेत्र से रेत निकल रही है, तो वह अवैध है,क्यों कि जिले में अभी रेत खदानों ठेका नहीं हुआ है। मुझे शिकायत मिली है कि जैतपुर के गलहथा और गाड़ाघाट और लुकमपुर से रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। हम कारवाही करेंगे। कुछ वाहन उधर छत्तीसगढ़ से वैध रेत लाते है। हम उसकी भी जांच करेंगे।