रविवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर के समय अचानक तेज आंधी के साथ रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस मौसम परिवर्तन के बाद तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जो 33 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। बारिश के बाद स्थानीय निवासियों ने भीषण गर्मी से राहत की सांस ली, लेकिन इस घटना के साथ ही कई क्षेत्रों में नुकसान की भी खबरें आई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन के प्रभाव से पूर्वी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, जिससे सोमवार को भी तापमान में गिरावट की संभावना है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव से शहडोल के निवासियों में राहत के साथ-साथ चिंता भी देखी जा रही है।
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कई पुराने पेड़ धराशायी
तेज आंधी के कारण कई पुराने पेड़ घरों पर गिर गए हैं, जिससे व्यापक नुकसान हुआ है। शहडोल के कमिश्नर बंगाल के सामने स्थित दो शासकीय आवासों में भारी भरकम पेड़ गिर जाने से काफी क्षति हुई है। रविवार की दोपहर जब आंधी चल रही थी, तब लोग घरों के अंदर सुरक्षित थे, तभी अचानक तेज हवाओं में बड़े पेड़ शासकीय आवास में जा गिरे, जिससे नुकसान हुआ है। ब्यौहारी के भोलाहरी गांव में भी भगवान दास पाठक के घर पर पेड़ गिरने से गंभीर नुकसान हुआ है। इस घटना ने स्थानीय निवासियों को चिंता में डाल दिया है।
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आम को काफ़ी नुकसान
इस मौसम की मार केवल घरों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि कृषि भी प्रभावित हुई है। कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर मृगेंद्र सिंह ने बताया कि इस आंधी और बारिश ने आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। आम अभी छोटे और कमजोर हैं, और तेज हवाओं में कई आम जमीन पर गिरकर नष्ट हो रहे हैं। यह किसानों के लिए चिंता का विषय है। रविवार का मौसम न केवल शहडोल के निवासियों के लिए राहत का कारण बना, बल्कि कई लोगों के लिए चिंता और नुकसान का भी सबब बना।