टीकमगढ़ शहर में गणेश भगवान की विदाई धूमधाम से हुई। शहर के महेंद्र सागर तालाब में विसर्जन के लिए एक कुंड बनाया गया था, जहां पर मूर्तियों का विसर्जन किया गया। यह कार्यक्रम सुबह 4 बजे तक चलता रहा।
टीकमगढ़ एसडीएम संजय दुबे ने बुधवार सुबह बताया कि मंगलवार की दोपहर से मूर्तियों का विसर्जन शुरू हो गया था, जिसमें छोटी और मध्यम आकार की प्रतिमाओं का विसर्जन पहले किया गया। इसके बाद रात 8 बजे से विशाल प्रतिमाओं का जुलूस पंडाल से निकलना शुरू हुआ, जो सुबह 4 बजे तक चला। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से महेंद्र सागर तालाब में एक कुंड बनाया था, जहां सभी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा एसडीओपी के मार्गदर्शन में करीब 150 जवान तैनात किए गए थे, जबकि राजस्व विभाग के एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी भी मौके पर मौजूद थे। विशाल मूर्तियों का विसर्जन रात 8 बजे से शुरू हुआ, जिसमें डीजे और गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकलते रहे, जो सुबह 4 बजे तक कुंड में पहुंचीं, जहां धूमधाम से उनका विसर्जन किया गया। मूर्तियों के विसर्जन के लिए क्रेन का उपयोग किया गया, जिसे नगर पालिका द्वारा उपलब्ध कराया गया था।
21 बड़ी मूर्तियों का विसर्जन
एसडीएम संजय दुबे ने बताया कि नगर पालिका द्वारा कुंड का निर्माण किया गया था और बड़ी मूर्तियों को सुरक्षित तरीके से विसर्जित करने के लिए क्रेन उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने बताया कि सभी मूर्तियों का आराम से विसर्जन हो गया। इस दौरान 21 बड़ी मूर्तियों और 150 छोटी व मध्यम गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।