मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन को आयुर्वेद के एम्स की सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हजारों वर्ष पहले जब समुद्र मंथन हुआ था, उस समय कई प्रकार के रत्न निकले थे। उनमें भगवान धनवंतरि भी प्रकट हुए थे। ऐसे में भगवान धनवंतरी से उज्जैन कैसे अछूता रह सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश में खुलने वाले तीन आयुर्वेद एम्स में से एक मध्य प्रदेश को भी मिला है। यह उज्जैन में खोला जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को उज्जैन स्थित कालिदास संस्कृत अकादमी में विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। अकादमी परिसर में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सप्तपुरियों में एक मोक्षदायिनी अवंतिका नगरी का अपना अलग महत्व है। लोग तरसते है कि अवंतिका नगरी में आने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि हम भाग्यशाली है कि हमारा जन्म यह हुआ है।
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अमीरी और गरीबी की खाई मिटाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में विकास के अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश आगे बढ़ रहा है। आज पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि भी है। पंडितजी के माध्यम से देश में गरीबी और अमीरी की खाई मिटाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने गीता के सातवें अध्याय में बताया है कि हमारे शरीर के मन, जड़, चेतना एक ही हैं। जैसा ब्रह्मांड है वैसा ही हमारा पिंड है। उन्होंने कहा कि भारत देश ने सबसे पहले कई बातों से दुनिया को परिचित कराया है।
जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन
सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन शहर की प्रभावी जनसंख्या लगभग 9.65 लाख तथा मेला क्षेत्र की अस्थायी जनसंख्या लगभग 21.83 लाख अनुमानित है। दिव्य राजसी स्नान के दिनों में एक ही दिन में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। इस दौरान सिलारखेड़ी, गंभीर, उंडासा एवं साहिबखेड़ी को मुख्य जल स्रोत के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 133.67 करोड़ की लागत से निर्मित किए जा रही हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन हरियाखेड़ी में मंत्रोच्चार की गूंज के मध्य किया। सीएम की मंशानुरूप हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना अंतर्गत निर्बाध शुद्ध जल की आपूर्ति के लिए नवीन पाइपलाइन भी डाली जाएगी। साथ ही पुरानी पाइपलाइन की जगह नवीन पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी। परियोजना को 24 माह की निर्धारित समय-सीमा में चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाएगा। भूमि पूजन समारोह में नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, एडीजीपी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा उपस्थित रहे।
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वनौषधि मेले में भी पहुंचे मुख्यमंत्री
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर धर्मधानी उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पांच दिवसीय वन मेले का विधिवत उद्घाटन किया। दशहरा मैदान पर 12 से 16 फरवरी तक चलने वाला यह आयोजन प्रदेश के आदिवासी अंचल के भाई-बहनों की आजीविका को नई ताकत देने का एक बड़ा माध्यम बना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले यह आयोजन भोपाल तक सीमित था, लेकिन अब इसे राज्य के अन्य हिस्सों में भी विस्तारित किया जा रहा है। मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा दुर्लभ वनौषधियां, जैविक उत्पाद और हस्तशिल्प का अद्भुत प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान वन मंत्री नागर सिंह चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डॉ मोहन यादव, मुख्यमंत्री
उज्जैन के आयोजन में उपस्थित लोग
डॉ मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी