विदिशा जिले की लटेरी थाना पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शनिवार रात ड्यूटी की मर्यादा को ताक पर रखकर दो पुलिसकर्मियों ने एक युवक के साथ कथित रूप से मारपीट की। वर्दी की आड़ में हुई इस घटना का पूरा घटनाक्रम वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। पीड़ित की शिकायत और वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार रात की है। पीड़ित अजय का आरोप है कि वह अपने काम से जा रहा था, तभी दो वर्दीधारी पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। बिना किसी स्पष्ट कारण के दोनों ने उसके साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। अजय किसी तरह वहां से बचकर निकला और अगले दिन थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराए।
पढे़ं: 'मैं शिलांग में हूं, नेपाल नहीं भागी', जमानत के बाद पहली बार सामने आई, इंदौर आने पर ये बोली
मामला सामने आने के बाद एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने स्वयं जांच की। जांच में पता चला कि दोनों आरक्षक घटना के समय अपने निर्धारित ड्यूटी पॉइंट पर मौजूद नहीं थे। बिना किसी सूचना या अनुमति के वे अन्य स्थान पर पहुंचे थे, जहां युवक के साथ विवाद और मारपीट की घटना हुई। सीसीटीवी फुटेज की जांच में शिकायत सही पाई गई।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक ने दोनों आरक्षकों को तत्काल निलंबित कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करते हुए आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है। एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने कहा कि वर्दी का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मारपीट के पीछे वास्तविक कारण क्या था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि मामला किसी निजी रंजिश से जुड़ा था या फिर किसी अन्य विवाद का परिणाम। पीड़ित अजय का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आरोपियों पर और गंभीर धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।