अलवर की पॉक्सो कोर्ट संख्या दो ने 12 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग के साथ कोल्ड्रिंक व टॉफी के बहाने बार-बार दुष्कर्म करने के मामले में 50 वर्षीय आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने के साथ पीड़िता को मुआवजा दिलाने की भी अनुशंसा की।
कोर्ट का कड़ा फैसला और जुर्माना
पॉक्सो कोर्ट-2 ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी पर 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इस राशि में से 2 लाख रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिलाने की अनुशंसा की गई। न्यायाधीश शिल्पा समीर ने सजा सुनाई तथा स्पष्ट संदेश दिया कि नाबालिगों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
आरोपी की नरमी की मांग और कोर्ट की टिप्पणी
सजा के बिंदु पर आरोपी के वकील ने न्यायालय से नरमी बरतने का निवेदन किया। सरकारी वकील पंकज यादव के कड़े विरोध के बाद न्यायाधीश शिल्पा समीर ने सख्त टिप्पणी की कि आरोपी ने खिलौनों से खेलने की उम्र की नाबालिग की मासूमियत का फायदा उठाकर जघन्य अपराध किया है। इस अपराध का प्रभाव न केवल तात्कालिक बल्कि पीड़िता के पूरे जीवन, उसके मन और मस्तिष्क पर पड़ेगा।
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घटना का विवरण और रिपोर्ट दर्ज
पीड़िता के पिता ने 12 नवंबर 2024 को अरावली विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी ने उनकी 12 वर्ष से कम उम्र की बेटी को कोल्ड्रिंक व टॉफी जैसी चीजें देने के बहाने बहला-फुसलाकर दुष्कर्म किया। बाद में डरा-धमकाकर बार-बार बुलाता रहा। आरोप है कि आरोपी ने करीब एक वर्ष के भीतर 10 से 15 बार बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा जुर्माना लगाया।