प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चार जुलाई को प्रस्तावित पचपदरा रिफाइनरी लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं रविवार को पचपदरा पहुंचे और रिफाइनरी परिसर से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सभी व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ अलग-अलग स्थानों पर जाकर सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन से जुड़ी तैयारियों की गहन समीक्षा की तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए।
रिफाइनरी की तकनीक और उत्पादन प्रणाली का लिया जायजा
मुख्यमंत्री का दौरा सुबह रिफाइनरी परिसर से शुरू हुआ, जहां उन्होंने सबसे पहले सेंट्रल कंट्रोल यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड के अधिकारियों ने उन्हें रिफाइनरी की अत्याधुनिक तकनीक, उत्पादन प्रणाली तथा यहां तैयार होने वाले विभिन्न पेट्रो-उत्पादों एवं सह-उत्पादों की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने उत्पादों के नमूने भी प्रस्तुत किए और बताया कि यह परियोजना प्रदेश के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री ने रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता, संचालन व्यवस्था और भविष्य की संभावनाओं पर भी विस्तार से जानकारी ली तथा तकनीकी टीम की तैयारियों की सराहना की।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर की पूजा-अर्चना
इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान गोविंद देव की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की सफलता एवं प्रदेश की समृद्धि की कामना की। पूजा के उपरांत उन्होंने पूरे कार्यक्रम स्थल का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य मंच, वीआईपी एवं आमजन के बैठने की व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग, सुरक्षा बैरिकेडिंग, मीडिया गैलरी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया।
सुरक्षा, पार्किंग और साइन बोर्ड को लेकर दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में लाखों लोगों की संभावित उपस्थिति को देखते हुए हर व्यवस्था मजबूत और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त दिशा-सूचक संकेतक (साइन बोर्ड) लगाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आगंतुक को आवागमन में परेशानी न हो। साथ ही प्रत्येक आगंतुक का पुलिस सत्यापन होने के बाद ही प्रवेश पास जारी करने के निर्देश दिए गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ बनी रहे।
भीषण गर्मी को देखते हुए चिकित्सा और पेयजल व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल किट, एम्बुलेंस, चिकित्सकों की टीम, प्राथमिक उपचार केंद्र तथा अन्य आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं हर समय उपलब्ध रहें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
मां आशापुरा मंदिर में की पूजा, जीर्णोद्धार के दिए निर्देश
रिफाइनरी और कार्यक्रम स्थल के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शक्तिपीठ मां सांभरा आशापुरा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और कार्यक्रम की सफलता की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर में अखंड ज्योत के दर्शन किए तथा मंदिर परिसर की परिक्रमा भी की। इस दौरान उन्होंने जिला कलक्टर को मंदिर के जीर्णोद्धार एवं समग्र विकास के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी सक्रिय भागीदारी रही। निरीक्षण के समय पचपदरा विधायक डॉ. अरुण चौधरी, राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत, सिवाना विधायक हमीर सिंह भायल, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, जिला कलक्टर सुशील कुमार यादव, एसपी रमेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को तैयारियों की प्रगति से अवगत कराया और निर्धारित समय सीमा में सभी कार्य पूरे करने का भरोसा दिलाया।
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राजस्थान के औद्योगिक विकास के लिए अहम माना जा रहा दौरा
गौरतलब है कि 4 जुलाई को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पचपदरा दौरा राजस्थान के औद्योगिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जा रहा है। राजस्थान रिफाइनरी परियोजना से प्रदेश में औद्योगिक निवेश, रोजगार के नए अवसर और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसी कारण राज्य सरकार इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटी हुई है।