केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि 2014 के बाद से किसानों की आय दोगुनी से भी अधिक हुई है। पूर्ववर्ती सरकारों ने किसानों के हितों को नजरअंदाज किया, लेकिन वर्तमान सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए हैं। वे शनिवार को जोधपुर के काजरी (केंद्रीय शुष्क बागवानी अनुसंधान संस्थान) में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। चौधरी ने सिंधु जल समझौते के स्थगन पर कहा कि इससे राजस्थान को निश्चित ही लाभ मिलेगा और प्रदेश को सिंधु का पानी अवश्य मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने खेजड़ी कटाई के मुद्दे पर कहा कि पर्यावरण सबसे पहले है। उन्होंने बताया कि ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान से किसानों को सीधा फायदा हो रहा है। उन्होंने काजरी के काम को जनजागरण से जोड़ते हुए कहा कि यही देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
यह भी पढ़ें-
दुष्कर्म पीड़िता से मिले पूर्व CM अशोक गहलोत, सरकार पर बरसे; पीएम मोदी के दौरे पर भी खूब बोले
चौधरी ने कहा कि आज विकसित देशों की भारत के प्रति दृष्टि बदल रही है। पहले वे भारत को गरीब देश मानते थे, लेकिन अब भारत ने कृषि और अनुसंधान से धोरों की धरती का कायाकल्प किया है। किसान धरती का भगवान है, जिसके काम करने की न कोई समय सीमा है और न ही रिटायरमेंट। उन्होंने किसानों को चेताया कि जैसे बिना डॉक्टर की सलाह दवाई नहीं ली जाती, वैसे ही बिना बताए यूरिया और डीएपी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। आने वाले समय में कृषि एक बड़ी इंडस्ट्री के रूप में सामने आएगी।
अपने अनुभव साझा करते हुए चौधरी ने कहा कि उनके पिता बड़े किसान थे और लोग देखकर खेती करना सीखते थे। उस समय खेती प्राकृतिक चक्र के अनुसार होती थी। देश ने एक दौर में अनाज की कमी देखी, तब प्रधानमंत्री के कहने पर लोगों ने उपवास तक रखा।