जोधपुर कमिश्नरेट की जिला विशेष टीम (डीएसटी) पश्चिम ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किया है। इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब पुलिस लाइन में तैनात एक पुलिस कॉन्स्टेबल की भूमिका सामने आई, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
युवक की गिरफ्तारी से खुला राज
बोरानाडा एसीपी आनंद सिंह राजपुरोहित ने बताया कि डीसीपी वेस्ट के निर्देशानुसार अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार रात डीएसटी पश्चिम और कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-आठ क्षेत्र से एक युवक को गिरफ्तार किया।
सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि केबीएचबी क्षेत्र में एक युवक अवैध हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना पर डीएसटी पश्चिम को सक्रिय किया गया। उप निरीक्षक महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में दबिश दी और तलाशी के दौरान सेक्टर-आठ के पास अर्शलान खिलजी को पकड़ा। उसकी तलाशी लेने पर एक पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
सिपाही ने कराया था सौदा
पूछताछ में अर्शलान ने बताया कि उसने यह पिस्तौल भोम सिंह भाटी से 35 हजार रुपये में खरीदी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भोम सिंह भाटी को भी हिरासत में लिया। उससे पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि हथियार दिलाने में पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल राम प्रकाश ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। कॉन्स्टेबल ने किसी अन्य व्यक्ति से पिस्तौल खरीदवाकर दोनों के बीच सौदा कराया।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हथियार के बदले 5 हजार रुपये ऑनलाइन और 30 हजार रुपये नकद भुगतान किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों अर्शलान खिलजी, भोम सिंह भाटी और कॉन्स्टेबल राम प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है, ताकि अवैध हथियारों की सप्लाई चेन का पूरी तरह खुलासा किया जा सके।