जोधपुर शहर के बाहरी क्षेत्र बनाड़ में पानी की भारी किल्लत के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी लोगों ने विभागीय अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग करते हुए कहा कि लंबे समय से पानी की सप्लाई बाधित है, लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। प्रदर्शन का नेतृत्व आरएलपी नेता राजेंद्र छत्तरवाल ने किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जलदाय विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
पुरानी पाइपलाइन, बढ़ती आबादी
बनाड़ जोधपुर-जयपुर रोड पर स्थित एक कस्बा है, जो अब शहर की सीमा में शामिल हो चुका है। यहां कई रिहायशी कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं और जनसंख्या में भारी वृद्धि हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलदाय विभाग की पाइपलाइनें कई दशक पुरानी हैं और क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही आबादी के हिसाब से पानी की सप्लाई नहीं की जा रही। स्थानीय निवासी राजेंद्र अग्रवाल ने बताया, "यह इलाका अब शहरी सीमा में आ चुका है, लेकिन विभाग के पास अभी भी पुराने संसाधन ही हैं। जितना पानी पहले दिया जाता था, उतना ही आज भी दिया जा रहा है। बढ़ती आबादी और पशुपालन के चलते यहां की जल आवश्यकता कहीं अधिक है।
पढ़ें: ब्रह्माकुमारी संस्थान के मेडिकल विभाग के तत्वावधान में तंबाकू मुक्ति रैली का आयोजन, दिया गया ये संदेश
महंगा खरीदना पड़ रहा पानी
लोगों का कहना है कि सप्लाई बाधित होने के कारण उन्हें पानी के टैंकर महंगे दामों पर खरीदने पड़ रहे हैं। यह खर्च गरीब और मध्यम वर्ग के लिए काफी बोझिल हो रहा है। कई बार तो टेल एंड पर बसे इलाकों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय निवासी रेखा देवी ने बताया, "हर दिन सुबह पानी के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता है, वो भी तब जब पानी आए। कई बार तो हफ्तों तक नल सूखे रहते हैं।"
पूर्व में भी हुआ था विरोध
इससे पहले भी बनाड़ और आसपास के गांवों में जल संकट को लेकर लोगों ने कई बार सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया था। बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जलदाय विभाग बार-बार आश्वासन तो देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हो रहा।