केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर प्रवास के दौरान अपने निवास पर मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशों में मिले सर्वोच्च सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को किसी अन्य देश में दिया गया सर्वोच्च सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान होता है। यह देश की क्षमताओं, विकास के संकल्प, और भारत के नागरिकों के हौसले का सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के हर कोने में जाकर कूटनीति और दूरदर्शिता से जो सम्मान अर्जित किए हैं, वह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।
कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों पर पूछे गए सवाल के जवाब में शेखावत ने कहा,
कुछ देशों में बसे हुए कुछ तत्व वर्षों से इस तरह की भारत विरोधी गतिविधियां करते रहे हैं लेकिन अब भारत की सामर्थ्य और वैश्विक स्थिति इतनी मजबूत हो चुकी है। पुलवामा और पहलगाम जैसे हमलों के बाद देश ने यह साफ संदेश दे दिया है कि भारत की भूमि के खिलाफ कोई भी षड्यंत्र, चाहे वो देश के भीतर हो या बाहर, अब सहन नहीं किया जाएगा। भारत की शक्ति जैसे-जैसे बढ़ेगी, ऐसे लोग स्वतः ही निष्क्रिय और अप्रासंगिक हो जाएंगे।
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा जाति शब्द को जनगणना में शामिल न किए जाने पर प्रधानमंत्री के रुख पर सवाल उठाए जाने पर शेखावत ने चुटकी लेते हुए कहा- कुछ लोगों की आदत होती है कि वे किसी विषय को या तो समझते नहीं या जान-बूझकर समझना नहीं चाहते। ऐसे में प्रतिक्रिया देने की बजाय कभी-कभी उनकी अज्ञानता पर मुस्कुरा लेना ही बेहतर होता है।
कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के फोन टैप होने के आरोप पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत सरकार के कार्यकाल में जब डोटासरा खुद मंत्री थे, उसी दौरान फोन टैपिंग के कई मामले सामने आए थे। मुख्यमंत्री के ओएसडी द्वारा जो खुलासे हुए हैं, उनके बाद कांग्रेस नेताओं को इस तरह के आधारहीन आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं बचता। उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और मुख्यमंत्री के ओएसडी द्वारा दिल्ली पुलिस को दिए गए बयानों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, उसके बाद ही सार्वजनिक टिप्पणी करनी चाहिए।