जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक डॉ. वैभव चावला की पार्वती नदी में हुई संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज तो कर लिया है लेकिन कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजनों ने शनिवार को कोटा में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कार्यालय परिसर में ही धरना दे दिया। हंगामा बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बेनीप्रसाद मीणा ने परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे रोहित आर्य ने बताया कि 18 मई को डॉ. वैभव चावला का शव पार्वती नदी में मिला था। शुरुआत में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही थी लेकिन बाद में एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें घटना वाले दिन दो कर्मचारी डॉ. चावला को बाइक पर बैठाकर ले जाते दिख रहे हैं। इसके अलावा यह तथ्य भी सामने आया है कि डॉ. चावला तैरना जानते थे, ऐसे में उनका शव नदी में मिलना संदेह पैदा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर चावला के कुछ सहकर्मियों से उनके संबंध ठीक नहीं थे, जिससे इस मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है।
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मृतक के पिता गोपाल आर्य ने बताया कि घटना के समय बेटे का मोबाइल, बाइक और जूते भी नहीं मिले हैं। साथ ही नदी की ओर जाते समय दो अस्पतालकर्मी डॉ. चावला के साथ थे लेकिन पुलिस ने अब तक उनसे कोई पूछताछ नहीं की है।
इस संबंध में बारां के एडीशनल एसपी राजेश चौधरी ने कहा कि परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या की धाराएं जोड़ी गई हैं और जांच जारी है। इस मामले में नर्सिंग अधीक्षक, सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर, पूर्व बीसीएमएचओ और पूर्व सीएमएचओ के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।