राजस्थान के कोटा जिले में बिजली विभाग के ऑफिस के सामने जमकर हंगामा देखने को मिला। जहां पर मृतक ठेका कर्मी के परिवार वालों और स्थानीय ग्रामीणों ने शव रखकर लगभग ढाई घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने भी प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं बनी।
मुआवजे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
वहीं प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिवार वाले को नौकरी और 50 लख रुपए की आर्थिक मदद देने की मांग उठाई। यह घटना कोटा ग्रामीण के बपावर कला इलाके से सामने आई है।
करंट की चपेट में आने से हुई थी मौत
दरअसल, बिजली विभाग में ठेके पर का काम करने वाले 35 वर्षीय हेमंत कुमार सुमन की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। हेमंत पोल पर चढ़कर फाल्ट को सही कर रहा था। इसी दौरान विभाग के कर्मचारियों ने अचानक से लाइट की सप्लाई चालू कर दी। जिससे हेमंत का हाथ पूरी तरह से झुलस गया और वह 35 फीट की ऊंचाई वाले खंबे से नीचे गिर गया। जिससे वह गंभीर घायल हो गया था। घटना के 14 दिन दिन बाद उसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
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20 लाख का मिलेगा मुआवजा
सूचना मिलने के बाद कांग्रेस देहात अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह सहित अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। सांगोद तहसीलदार जतिन दिनकर ने बताया कि काफी समझाइश के बाद परिजनों को मना लिया गया। मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बन गई। जिसके बाद लोगों ने बीच रोड पर से शव को उठाया।