जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने बुधवार को डाल गांव के वीरबाला कालीबाई राजकीय जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास अधीक्षक ने कलेक्टर को परेशानियों से अवगत कराया। प्रमुख परेशानी पांच माह से भोजन बजट नहीं होने की बताई। इसके बाद कलेक्टर ने जनजाति विकास विभाग के उपायुक्त को नोटिस जारी किया।
निरीक्षण के दौरान छात्रावास का भवन कई तरफ से खस्ताहाल पाया गया। शौचालय टूटे हुए और क्षतिग्रस्त स्थिति में पाए गए। उन्हें बताया गया कि मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत होने के बावजूद कार्यकारी एजेंसी स्वच्छ द्वारा अभी तक कार्य शुरू नहीं किया है। अधिशाषी अभियंता, स्वच्छ को बजट स्वीकृत होने के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू न करने पर सात दिन में कार्य आरंभ करने के निर्देश दिए। वार्डन ने बताया कि खाद्य सामग्री क्रय के लिए अगस्त माह से बजट नहीं मिला है। कलेक्टर ने इसे खेदजनक बताते हुए कहा कि वार्डन को अपने वेतन से छात्राओं के लिए भोजन की व्यवस्था करनी पड़ रही है। छात्रावास का भोजन बजट जारी नहीं होने पर जनजाति विकास विभाग के उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तीन दिन में स्पष्टीकरण देंने और लंबित भुगतान तत्काल जारी करने के निर्देश दिए।
ये भी पढ़ें- दूसरे दिन भी हालात तनावपूर्ण, बवाल के डर से 30 परिवारों ने घर छोड़ा; किसानों ने क्या चेतावनी दी?
कंप्यूटर कक्षाएं और पुस्तकालय बंद
निरीक्षण के दौरान कंप्यूटर कक्षाएं संचालित नहीं पाई गईं। उन्होंने संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद उपयोग नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही छात्रावास के पिछले हिस्से में स्थित पुस्तकालय को तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मीना ने छात्रावास में कोच की नियुक्ति 7 दिवस के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्राओं को रजिस्टर में इंद्राज कर पुस्तकें आवंटित करने, छात्राओं को धूम्रपान और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर काउंसलिंग करने और प्रतिदिन सांयकाल 6 से 8 बजे तक अनिवार्य स्टडी ऑवर लागू करने के निर्देश दिए।