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गोंडा में बृजभूषण शरण सिंह बोले- अति प्रसन्न होने पर निकल आते हैं आंसू
यूपी में गोंडा के नंदिनी निकेतन में आयोजित राष्ट्र कथा महोत्सव के समापन के बाद शुक्रवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राष्ट्र कथा महोत्सव की तैयारी के लिए न तो कोई पूर्व अनुभव था और न ही किसी इवेंट मैनेजमेंट की सहायता ली गई। बावजूद इसके पूरे वर्ष सामाजिक कार्यक्रमों से मिले अनुभव और जनसहयोग के कारण यह आयोजन सफल हो सका। नंदिनी नगर परिवार, उनका पूरा परिवार, जिले व आसपास के जिलों के इष्ट मित्रों ने मिलकर इस महोत्सव को ऐतिहासिक बना दिया।
पूर्व सांसद ने आगे कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना था। इसमें वह सफल रहे। जो लोग कार्यक्रम स्थल तक नहीं आ सके, मीडिया के माध्यम से उन लोगों तक भी कथा पहुंची। इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश के बाहर से भी लोगों ने सहयोग किया। इसके लिए उनके पास शब्द नहीं हैं। सभी के योगदान को याद करके उनकी आंखें भर आईं।
उन्होंने आगे कहा कि 'प्रभु की कृपा भयव सब काजू, प्रभु जी की कृपा से सब काज हो गया है और जन्म हमार सफल भयव आजू।' जब भी राष्ट्र कथा महोत्सव की चर्चा होगी, तो स्थान के रूप में गोंडा का नाम लिया जाएगा। इस आयोजन की खासियत यह रही कि गरीब से गरीब व्यक्ति को कथा से जोड़ा गया। एक लौकी, एक कद्दू, दो रुपये या 500 ग्राम तेल जैसे छोटे-छोटे सहयोग से लोगों की भावनाएं जुड़ीं। इससे आयोजन को सार्थक बना।
उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज सहित सभी वर्गों का सहयोग मिला। सभी सहयोगियों के फोटो यहां लगाए गए। राष्ट्र कथा में जो गाथाएं गाई गईं, वे आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाएंगी कि हम कौन थे और हमारी विरासत क्या है?
आखिर में अपने भावुक स्वभाव का जिक्र करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि बचपन से ही वे संवेदनशील रहे हैं। किसी पर अत्याचार होता देख या अत्यधिक प्रसन्न होने पर वे भावुक हो जाते हैं। मंच से उन्होंने कहा कि जब भावनाओं का तार जुड़ जाता है, तो आंखों से आंसू निकल आते हैं।
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