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VIDEO: चार लाख की अनुदान राशि पर एमबीपीजी कॉलेज में छात्रों का बवाल, छात्रसंघ उपाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारियों ने प्राचार्य कक्ष में दिया धरना
कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से एमबीपीजी कॉलेज के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए स्वीकृत की गई चार लाख रुपये की अनुदान राशि को लेकर सोमवार को विवाद हो गया है। छात्रसंघ के कुछ पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय की ओर से दी गई इस धनराशि में पारदर्शिता लाने की मांग को लेकर प्राचार्य कक्ष में धरना दिया।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से 30 जून 2026 को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, समन्वयक सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा की संस्तुति और कुलपति की स्वीकृति के बाद 24 अप्रैल 2026 को एमबीपीजी कॉलेज में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हुए व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए विवि के सांस्कृतिक कोष से चार लाख रुपये प्राचार्य को भेजे गए हैं। इस आदेश की प्रति छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक गोस्वामी को भी भेजी गई है। विश्वविद्यालय ने खर्च के वाउचर सत्यापित कर भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
इस बात की भनक लगते ही छात्रसंघ उपाध्यक्ष मनीष चंद, छात्रा उपाध्यक्ष ज्योति दानू और उपसचिव मनोज बिष्ट के नेतृत्व में कई छात्र प्राचार्य कक्ष में धमक गए और विश्वविद्यालय की ओर से जारी किए गए चार लाख रुपये की राशि को छात्रहित और महाविद्यालय हित में खर्च करने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि यह पैसा छात्रसंघ अध्यक्ष को नहीं दिया जाना चाहिए। इसमें पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। छात्र तत्काल जवाब की मांग पर प्राचार्य कक्ष में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने प्राचार्य को लिखित पत्र देकर इस धनराशि पर आपत्ति जताई।
पत्र में कहा गया कि विश्वविद्यालय से प्राप्त यह राशि केवल अध्यक्ष के नाम पर स्वीकृत की गई है और इसकी जानकारी अन्य छात्र संघ पदाधिकारियों को नहीं दी गई है। उनका कहना है कि यह राशि महाविद्यालय में आयोजित क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं छात्र संघ के कार्यक्रमों के लिए है, इसलिए इसका उपयोग सामूहिक सहमति से होना चाहिए। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने मांग की कि यह धनराशि किसी एक व्यक्ति को न देकर सभी पदाधिकारियों की सहमति से खर्च की जाए। पत्र में चेतावनी दी गई कि यदि छात्र संघ की अनुमति के बिना और उनकी अनुपस्थिति में यह राशि निकाली जाती है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। प्राचार्य ने छात्र नेताओं के सामने ही कुलसचिव को फोन कर छात्रों की मांग से अवगत कराया। प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने छात्र नेताओं से कहा कि उनकी आपत्ति से विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया जाएगा। विवि से जो भी निर्देश मिलेंगे उनकी के अनुसार धनराशि खर्च की जाएगी।
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