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Nainital: मंगोली में शराब की दुकान के विरोध में चक्का जाम, सड़क पर उतरे ग्रामीण
गायत्री जोशी
Updated Thu, 02 Apr 2026 04:49 PM IST
नैनीताल के मंगोली क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की दुकान के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। मंगलवार रात धरने पर डटी रही महिलाएं बुधवार को आक्रोशित होकर सड़क पर उतर गईं और चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा। बता दें कि, मंगोली व बजून क्षेत्र में शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में महिलाओं का चौथे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। महिलाओं ने देर रात दुकान के आगे धरना दिया वहीं बुधवार की सुबह महिलाओं को कोई आश्वासन नहीं मिला तो उन्होंने ज़्डक पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और साफ चेतावनी दी कि जब तक शराब की दुकान का प्रस्ताव निरस्त नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इससे यातायात बाधित हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को सड़क से हटने को कहा। महिलाएं सड़क से हटी तो पुलिस ने राहत की सांस ली। लेकिन इस दौरान पुलिस व स्थानीय लोगों के बीच काफी तना तनी रही। लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि वह क्षेत्र में किसी हाल में दुकान नहीं खुलने देंगे। वहीं महिलाओं का कहना है कि वह अब अनशन में बैठेंगी। लोगों का कहना है कि शराब की दुकान खोले जाने से सामाजिक माहौल बिगड़ेगा और युवाओं पर इसका गलत प्रभाव पड़ेगा। खासकर महिलाओं ने इस मुद्दे को लेकर मोर्चा संभाल रखा है और लगातार आंदोलन कर रही हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी लगातार मांगों के बावजूद प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने दो टूक कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान धरने में क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे, ग्राम प्रधान प्रेमा मेहरा, हंशी नेगी, खुशाल बिष्ट, गोविंद सिंह, सूरज अधिकारी, हंसी नेगी, हेम बहुखंडी, भास्कर बहुखंडी, जीवन सिंह नेगी, दर्शन कनवाल, बब्लू राठौर, गिरिश जोशी, मनोज पंत, सामाजिक कार्यकर्ता मंजू बिस्तानिया, दीवान सिंह मेहरा समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे। मामले में कोतवाल हेम पंत ने बताया कि महिलाओं व ग्रामीणों को धरना प्रदर्शन के दौरान नियमों को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है। यदि उसके बाद भी कोई व्यक्ति कानून को हाथ में लेता पाया गया या व्यवस्थाओं को प्रभावित करता नजर आया तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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