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Ashish of UKD and Tribhuvan of Uttarakhand Swabhiman Morcha have raised questions, warning against challenging the pride of 'Devbhoomi' and calling for a gathering at Gulabrai Ground on June 25.
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उक्रांद के आशीष और उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के त्रिभुवन ने उठाए सवाल कहा, देवभूमि के स्वाभिमान को मत ललकारो, 25 जून को गुलाबराय मैदान में जुटने का आह्वान
देवभूमि के स्वाभिमान को मत ललकारो
उक्रांद के आशीष चौहान और उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के त्रिभुवन चौहान ने उठाए सवाल
25 जून को गुलाबराय मैदान में जुटने का आह्वान
रुद्रप्रयाग। नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण के शांत होने के बाद उत्तराखंड क्रांति दल के युवा नेता आशीष चौहान और उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के नेता त्रिभुवन चौहान ने बृहस्पतिवार को गुरुद्वारे के समीप संयुक्त प्रेस वार्ता कर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चार दिन तक चले घटनाक्रम ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
आशीष चौहान ने कहा कि गुरुद्वारे में कब्जा, पत्थरबाजी और तनाव की घटनाएं सामने आने के बावजूद प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सका। उनका आरोप था कि देवभूमि और उत्तराखंड की अस्मिता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, लेकिन उन पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि 25 जून को सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तराखंड आने के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। इसके विरोध में 25 जून को सुबह नौ बजे रुद्रप्रयाग के गुलाबराय मैदान में एकत्र होंगे। उन्होंने कहा कि यह किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान और शांति की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण विरोध होगा।
आशीष चौहान ने सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड ने हमेशा सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान किया है, लेकिन प्रदेश की अस्मिता को चुनौती देने वालों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
त्रिभुवन चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया पर उत्तराखंड और पहाड़ी समाज के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को अब तक नहीं हटाया गया है। इससे लोगों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। हुई
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और गढ़वाल की जनता ने हमेशा देश और समाज के लिए बलिदान दिया है। प्रदेश की शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की अराजकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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