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Kashipur: आईआईएम के 13वां दीक्षांत समारोह में 546 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
गायत्री जोशी
Updated Mon, 27 Apr 2026 02:05 PM IST
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काशीपुर में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के 13वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में 546 छात्रों को स्नातक की डिग्री प्रदान की गई। इस दौरान मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य न्यायाधीश गुहानाथन नरेंद्र ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा आपने अपने स्थान को दृढ़ता, अनुशासन और संकल्प के माध्यम से अर्जित किया है और प्रत्येक डिग्री आपके धैर्य और प्रयास का प्रतीक है।
आईआईएम संस्थान परिसर में 13वें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य न्यायाधीश गुहानाथन नरेंद्र, विशिष्ट अतिथि कमल पोद्धार प्रबंधक निदेशक चॉइस इंटरनेशनल लिमिटेड मुंबई व संदीप सिंह अध्यक्ष आईआईएम काशीपुर और प्रो. नीरज द्विवेदी निदेशक, आईआईएम काशीपुर ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि आपने अपने स्थान को दृढ़ता, अनुशासन और संकल्प के माध्यम से अर्जित किया है और प्रत्येक डिग्री आपके धैर्य और प्रयास का प्रतीक है। अपने करियर के प्रारंभिक चरण में जोखिम लेने से न डरें, क्योंकि विकास आराम के दायरे में नहीं होता। शक्ति और प्रभाव के बीच का अंतर मूल्यों में निहित है। अपने आप से पूछें कि क्या आपके निर्णय दूसरों को ऊपर उठाएंगे, क्या आप ईमानदारी के साथ नेतृत्व करेंगे और क्या आप कठिन परिस्थितियों में दृढ़ रहेंगे। जीवन में अक्सर परिस्थितियां श्वेत-श्याम नहीं होतीं। बल्कि धुंधले रंगों में होती है। वहीं विशिष्ट अतिथि कमल पोद्दार ने स्नातकों को बधाई देते हुए कहा, कि वास्तविक यात्रा परिसर से बाहर शुरू होती है। जहां आत्म-प्रेरणा और अनुकूलनशीलता सफलता की कुंजी होती है। भारत की विकास क्षमता पर बल देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को अवसरों का लाभ उठाने और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया। संदीप सिंह अध्यक्ष आईआईएम ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा जैसे ही आप इन दीवारों के बाहर कदम रखते हैं। आप ऐसे विश्व में प्रवेश करते हैं जो अभूतपूर्व अवसरों और जटिल चुनौतियों से परिभाषित है। ऐसे नेतृत्वकर्ता बनें जो गहराई से सोचते हों, जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हों और सत्यनिष्ठा में दृढ़ बने रहें। अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन पर आपके द्वारा डाले गए प्रभाव से मापें। कार्यक्रम के दौरान सभी 546 छात्रों का उपाधियां प्रदान की गईं।
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