फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Regulator platform installed on the banks of Rapti River in Chillupar, Gorakhpur, has sunk due to rains.

राप्ती का बढ़ता जलस्तर: बाढ़ से बचाव के लिए बना था रेगुलेटर प्लेटफॉर्म, बारिश में ही धंस गया-तटबंध खतरे में

Sat, 11 Jul 2026 10:03 AM IST
Rohit Singh संवाद न्यूज एजेंसी, चिल्लूपार
संवाद न्यूज एजेंसी, चिल्लूपार Published by: Rohit Singh Updated Sat, 11 Jul 2026 10:03 AM IST
सार

 ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके का निरीक्षण नहीं किया है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल तकनीकी टीम भेजकर स्थिति का आकलन कराने और तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी संभावित बड़े खतरे को समय रहते टाला जा सके।

विज्ञापन
Regulator platform installed on the banks of Rapti River in Chillupar, Gorakhpur, has sunk due to rains.
रेगुलेटर प्लेटफॉर्म धंसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बड़हलगंज ब्लॉक क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ते ही बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी खामी सामने आ गई है। बाढ़ खंड-दो, सिंचाई विभाग द्वारा वर्षों पूर्व 8.740 किलोमीटर लंबाई में बनाए गए कंसासुर-खुटभार रिंग तटबंध पर ददरी गांव के समीप स्थित रेगुलेटर के सामने लाखों रुपये की लागत से निर्मित पक्का प्लेटफॉर्म धंस गया है।

विज्ञापन


बरसात के बीच हुई इस घटना से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत फैल गई है और तटबंध की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।  तटवर्ती ग्रामीण रामानंद यादव, रामाकांत यादव, रामबदन यादव, सतेंद्र सिंह, भारतेन्दु सिंह, अयोध्या सिंह, राधेश्याम पांडेय, शिवकरन, रायबहादुर और राजू यादव का कहना है कि जिस प्लेटफॉर्म को बाढ़ के दबाव को झेलने के लिए बनाया गया था, वही पहली बड़ी परीक्षा में धंस गया।

विज्ञापन

इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि अब नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पानी जल्द ही प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में मरम्मत कार्य कर पाना भी बेहद कठिन हो जाएगा। यदि दबाव बढ़ने से रेगुलेटर या तटबंध को नुकसान पहुंचा तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके का निरीक्षण नहीं किया है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल तकनीकी टीम भेजकर स्थिति का आकलन कराने और तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी संभावित बड़े खतरे को समय रहते टाला जा सके।

इस संबंध में सहायक अभियंता अपराजिता सिंह ने कहा, मामला मेरी जानकारी में नहीं है। मैं तत्काल मौके की जांच करवाती हूं। मेरे कार्यकाल में प्लेटफॉर्म का निर्माण या मरम्मत नहीं हुई है। यह कार्य मेरे आने से पहले कराया गया था।

अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पानी जल्द ही धंसे प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकता है। ऐसे में मरम्मत की संभावनाएं सीमित हो जाएंगी। यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए और तटबंध को कोई क्षति पहुंची, तो उससे जुड़े गांवों और हजारों लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed