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खूनी खेल: यूपी के सबसे बड़े 'पशु बाजार' में हुआ था खौफनाक कांड, एक पल में खत्म हो गया था पूरा कुनबा
Tue, 22 Jun 2021 12:26 PM IST
vivek shukla
विवेक शुक्ला, गोरखपुर।
विवेक शुक्ला, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 22 Jun 2021 12:26 PM IST
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पशु बाजार। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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आज हम आपको उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की एक ऐसी सच्ची घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बाद पूरे जिले में दहशत का माहौल कायम हो गया था। इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी। जिससे पूरा जिला दहल उठा था। बता दें कि जिले के खजनी इलाके में एक बाजार पड़ता है, जिसका नाम जैतपुर है। कभी इसका जिक्र होते ही दूर-दूर के लोग इसके महत्व के बारे में बता देते थे। वजह साफ थी यहां पर पूर्वांचल का सबसे बड़ा पशु बाजार लगता था। लोग दूर-दूर से यहां पशुओं की खरीद-फरोख्त करने के लिए आते थे।
पशु बाजार। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
ये है पूरी कहानी
बात 9 अगस्त 2012 की है। सप्ताहिक बाजार जैतपुर पशुओं से भरा था। दूर-दूर से व्यापारी और खरीददार वहां पर पहुंचे थे। सब कुछ सामान्य था और दोपहर के 3:30 बज चुके थे। अब धीरे-धीरे बाजार खत्म हो रहा था। इसी दौरान एक ऐसा कांड हुआ कि लोग उसे याद कर आज भी कांप उठते हैं। बाजार लगवाने वाले अमटौरा गांव निवासी राणा सिंह का विवाद बाजार के रंजीत पांडे से हो गया।
बात 9 अगस्त 2012 की है। सप्ताहिक बाजार जैतपुर पशुओं से भरा था। दूर-दूर से व्यापारी और खरीददार वहां पर पहुंचे थे। सब कुछ सामान्य था और दोपहर के 3:30 बज चुके थे। अब धीरे-धीरे बाजार खत्म हो रहा था। इसी दौरान एक ऐसा कांड हुआ कि लोग उसे याद कर आज भी कांप उठते हैं। बाजार लगवाने वाले अमटौरा गांव निवासी राणा सिंह का विवाद बाजार के रंजीत पांडे से हो गया।
पशु बाजार। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
दरअसल, जिस खाली मैदान में यह बाजार लगता था वहीं पर रंजीत का मकान था और वह बाजार का विरोध करते थे क्योंकि जानवर उनके घर के सामने गोबर कर दिया करते थे। विवाद पुराना था लेकिन मामला बढ़ गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : Pixabay
हत्याकांड के दिन गोबर के विवाद को लेकर रंजीत के दो बेटे विनोद और मनोज असलहा लेकर राणा सिंह के ऊपर तान दिए। अभी कोई समझ पाता कि राणा पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी। जिसमें बाप रंजित और दोनों बेटों (विनोद और मनोज) की मौके पर ही मौत हो गई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
पल भर में पूरा प्रशासनिक अमला जैतपुर पहुंच गया, उस दिन के बाद से ही बाजार पर ताला लग गया। इस मामले में अमटौरा गांव के एक ही परिवार के राणा सिंह, विजयेंद्र सिंह, बाल मुकुंद, ओमप्रकाश, विक्की और लड्डू को आरोपी बनाया गया था।