उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कलवारी थाने के सिगही गांव में शनिवार को चाची की हत्या के आरोपी गंगाराम ने वारदात के दौरान क्रूरता की हदें पार कर दीं। मृतका की छोटी बेटी अनुराधा घटना को याद करके सिहर उठती है। आंखों के सामने मां का कत्ल होता देखकर वह इतना डर गई थी कि शनिवार रात बगल के गांव कोरमा में अपने रिश्तेदार के घर पर रही।
यूपी: बेटी की आंखों के सामने हुई थी मां की हत्या, बोली- भाई ने पार की क्रूरता की सभी हदें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौके पर मौजूद मृतका की बेटी अनुराधा ने बताया कि शनिवार को गंगाराम हाथ में त्रिशूल लेकर बरामदे में घुसा और लोहे का चैनल बंद कर लिया। उसने पहले मां के शरीर को हाथ में लिए त्रिशूल से गोदा। फिर बाहर निकल कर त्रिशूल को सूर्य देवता के तरफ उठाकर कई बार घुमाया। दोबारा बरामदे में घुसकर शरीर पर वार करना शुरू कर दिया। लाठी लेकर गर्भवती बेटी अनुराधा ने प्रतिरोध करना चाहा तो उसे भी मौत की नींद सुलाने की धमकी देते हुए दौड़ा लिया।
अनुराधा ने बताया किसी तरह जान बचाकर भागी। मौके पर पहुंचे गांव के तीन लोगों ने ईंट फेंककर ललकारा, लेकिन गंगाराम पर कोई असर नहीं पड़ा। वह त्रिशूल से महिला के नाक कान मुंह और गले पर वार करता रहा। हत्या के बाद गंगाराम बाहर निकल कर अपने बरामदे में बैठ गया। यही नहीं, पुलिस आई तो उसकी गाड़ी का दरवाजा खोल कर वह स्वयं उसमें बैठ गया। लोग बताते हैं कि वह नशे में धुत था। कुछ और लोगों को मारने की धमकी दे रहा था। ग्रामीण बताते हैं कि पिछले कुछ समय से गंगाराम गोरखपुर से घर आने पर बहुत परेशान दिखता था। बड़े हो गए बच्चों की नौकरी और उनकी शादी तय न होने को लेकर काफी परेशान रहता था।
गायत्री देवी के स्वभाव के गांव वाले कायल
तंत्र-मंत्र के शक में भतीजे की निर्दयता की शिकार हुई गायत्री के घर रविवार सुबह से ही शुभचिंतकों और रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। आने वाले सभी लोगों में सिर्फ यही चर्चा थी कि गायत्री का सात्विक विचार और धार्मिक गतिविधि ही मौत का कारण बनी। सबने हत्यारोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग की। गांव के लोग बताते हैं कि गायत्री बहुत ही मिलनसार स्वभाव की थीं। गांव में किसी व्यक्ति से उसका किसी प्रकार का विरोध नहीं था। पूजा-पाठ में काफी विश्वास रखने वाली गायत्री के घर लोगों का आना-जाना लगा रहता था। उनसे सलाह लेकर अपने परिवार के कल्याण के लिए पूजा-पाठ में लगी रहती थी। साथ ही पड़ोसियों के हर सुख-दुख में शामिल रहती थी। उन्हें क्या पता था कि एक दिन उनकी जेठानी का बेटा जान ले लेगा। पड़ोसियों के मुताबिक, हत्यारोपी भतीजे की शादी खुद चाची ने अपनी रिश्तेदारी में कराई थी। यही नहीं, मृतका के बड़े बेटे अनिल की शादी हत्यारोपी गंगाराम की पत्नी ने करवाई थी। मृतका गायत्री देवी के बड़े पुत्र अनिल लखनऊ में समोसे का व्यवसाय करते हैं वहीं छोटे पुत्र कमलेश एक प्रेस में कर्मचारी हैं। रविवार की सुबह दोनों बेटे बहू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गांव पहुंचे।
माली हालत सुधारने के लिए चला गया था गोरखपुर
सिंगही गांव में 10 बिस्वा जमीन का मालिकाना हक रखने वाले गंगाराम के पिता की हालत शुरू से बहुत खराब थी। चार भाइयों में सबसे बड़ा गंगाराम परिवार की माली हालत सुधारने के लिए बचपन में ही गोरखपुर चला गया और वायु सेना के एक अधिकारी के घर भोजन बनाने लगा था। बाद में खुद के साथ अन्य भाइयों को भी वायु सेना में भर्ती कराया। घर पर केवल उसके माता-पिता रहते थे। करीब आठ साल पहले माता पिता की मौत से आज तक घर में ताला लगा रहता है। घटना के समय गंगाराम गोरखपुर से अकेले घर आया था। गंगाराम का घर सूना पड़ा हुआ है।