गोरखपुर में शुक्रवार सुबह पांच से छह बजे तक की जोरदार बारिश में शहर के कई चौराहों और बाजारों में जलभराव हो गया। बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और उन्हें स्कूल छोड़ने वाले अभिभावकों को उठानी पड़ी। सिविल लाइंस स्थित स्कूलों तक जाने वाले रास्ते पर पानी भरा था। अभिभावक बड़ी मुश्किल से बाइक पर बैठाकर बच्चों को स्कूल लेकर पहुंचे। छोटे बच्चों के कुछ स्कूलों को बंद करवा पड़ा।
गोरखपुर का हाल: एक घंटे की बारिश से शहर में जलभराव, बंद करने पड़े कई स्कूल; देखें VIDEO
सिविल लाइंस के अलावा जलभराव की वजह से विजय चौक चौराहे के आसपास सड़क पर पानी भर गया। सड़क किनारे की दुकानें सुबह नहीं खुल सकीं। दुकानदार किशन ने बताया कि विजय चौक तो बेहद खास बाजारों में से एक है। लेकिन जरा सी बारिश में यहां जलभराव हो जाता है। सुबह 10 बजे तक का व्यापार पूरा ठप हो गया। ऐसे ही स्थिति दाउदपुर इलाके में सुबह के समय बनी रही। सावन महीने में काली मंदिर जाकर पूजा करने वाले लोगों को सुबह 9 बजे के बाद तक इंतजार करना पड़ा।
इलाके के आलोक ने बताया कि सुबह भगवान शिव को जल चढ़ाने के बाद ही अपने आगे का काम करते हैं। लेकिन बारिश की वजह से पूरे इलाके में पानी भर गया था। घर से निकलने में घुटने तक पानी लग जाता है। आर्यन अस्पताल में अपने एक रिश्तेदार को लेकर आए पंकज ने बताया कि रात में ही अस्पताल आ गया था। सुबह लेकर लखनऊ निकलना था, लेकिन बारिश और जलभराव से निकलने में काफी समय बीत गया। सुबह 10 बजे के बाद गाड़ी आई और लेकर लखनऊ निकले।
ऐसे ही गोरखनाथ मंदिर रोड, टाउन हाल, बशारतपुर मुख्य मार्ग, मेडिकल काॅलेज रोड, धर्मशाला अंडरपास, बक्शीपुर, इलाहीबाग, देवरिया बाईपास रोड की सड़क पर पानी लग गया।
इन इलाकों में रहा जलभराव
मुक्तेश्वर नाथ मंदिर, महेवा गांव, भारद्वाजनगर, भैसाखाना तुर्कमानपुर, कृष्णानगर, खरैया, धर्मपुर, शाहपुर हरिजन बस्ती, आदित्यपुरम, विष्णुपुरम, रामजानकीनगर, अशोकनगर, मोतीपोखरा, हड़हवा फाटक, बेतियाहाता दक्षिणी, सिद्धार्थनगर कॉलोनी, दाउदपुर, अंधियारीबाग हरिजन बस्ती, राजीवनगर स्पोर्ट्स कॉलेज के पास, बगहा बाबा मंदिर, इंदिरानगर, जगन्नाथपुर समेत कई इलाकों में जलभराव से लोगों को दिक्कत हुई।
नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण, दिए निर्देश
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि बारिश के बाद सुबह ही शहर के कई इलाकों का निरीक्षण किया गया। सुबह पांच बजे से ही अलग-अलग इलाकों में टीम को लगा दिया गया था। अधिशासी अभियंता जलभराव वाले इलाकों में पंप ऑपरेटर के साथ तैनात रहे। सभी जगह पंपिंग सेट लगातार चल रहे थे। इसके अलावा सभी जोनल अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि नालों पर लगे अतिक्रमण को ध्वस्त करें। इससे नालियों की साफ सफाई नियमित हो सकेगी।