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अजीत हत्याकांड: अजीत के साथी मोहर सिंह ने खुद गोली मारी, पुलिस को अब तक नहीं मिला कोई सबूत
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 16 Jan 2021 03:47 PM IST
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Ajit murder case
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के विभूतिखंड में कठौता चौराहा पर मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना निवासी अजीत सिंह की हत्या के आरोपी एक लाख रुपये के इनामी कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डॉक्टर की दिल्ली में गिरफ्तारी के कई दिन बाद भी लखनऊ पुलिस आखिर क्यों उसकी रिमांड लेने का प्रयास नहीं कर रही? यह सवाल सबको परेशान कर रहा है।
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Ajit murder case
- फोटो : अमर उजाला
गिरधारी के पास न सिर्फ पूर्वांचल में अंडरवर्ल्ड के सारे समीकरण हैं बल्कि वह कई बड़े सफेदपोश और राजनेताओं की पोल भी खोल सकता है। इसके बावजूद लखनऊ पुलिस उससे पूछताछ करने के लिए कदम आगे नहीं बढ़ा रही है।
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दिल्ली में शार्प शूटर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
होमवर्क के बाद ही बी वारंट
वहीं, पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने कहा कि जल्दबाजी का लाभ हमेशा अपराधियों को मिलता है। अजीत हत्याकांड में जमीनी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अच्छी तरह से होमवर्क के बाद ही गिरधारी का बी वारंट लिया जाएगा। चूंकि, गिरधारी से कई सवाल-जवाब करने हैं, इसलिए पुलिस कोई चूक नहीं करना चाहती।
वहीं, पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने कहा कि जल्दबाजी का लाभ हमेशा अपराधियों को मिलता है। अजीत हत्याकांड में जमीनी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अच्छी तरह से होमवर्क के बाद ही गिरधारी का बी वारंट लिया जाएगा। चूंकि, गिरधारी से कई सवाल-जवाब करने हैं, इसलिए पुलिस कोई चूक नहीं करना चाहती।
अजीत सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व सांसद पर कार्रवाई के लिए शासन के पाले में गेंद
अजीत हत्याकांड में घायल शूटर की मदद करने में बाहुबली पूर्व सांसद का नाम अब खुलकर सामने आ गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी लिखा-पढ़ी में पूर्व सांसद को शामिल नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल शूटर का लखनऊ और सुल्तानपुर में उपचार कराने वाले कृष्णानगर के मानसनगर निवासी विपुल कुमार सिंह पूर्व सांसद का करीबी है। उसने पूर्व सांसद के कहने पर ही शूटर का उपचार कराया था।
अजीत हत्याकांड में घायल शूटर की मदद करने में बाहुबली पूर्व सांसद का नाम अब खुलकर सामने आ गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी लिखा-पढ़ी में पूर्व सांसद को शामिल नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल शूटर का लखनऊ और सुल्तानपुर में उपचार कराने वाले कृष्णानगर के मानसनगर निवासी विपुल कुमार सिंह पूर्व सांसद का करीबी है। उसने पूर्व सांसद के कहने पर ही शूटर का उपचार कराया था।
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अजीत सिंह (बायें) व घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
विपुल के मोबाइल की पड़ताल से इसकी पुष्टि होने के बाद लखनऊ पुलिस ने पूर्व सांसद पर फरार अपराधी को शरण देने के आरोप में कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली है। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई पर अंतिम निर्णय शासन को लेना है। एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व सांसद पर कार्रवाई का मामला शासन के पाले में है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही आगे कदम बढ़ाया जाएगा।
