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Agra News: ठंड से बचने के लिए नदी में घंटों दुबके रहते हैं घड़ियाल, सिर्फ सांस लेने को आते हैं सतह पर

Fri, 06 Jan 2023 04:53 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 06 Jan 2023 04:53 AM IST
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alligators hide in the river for hours to avoid the cold wave in Chambal
चंबल में जलक्रीड़ा करते घड़ियाल - फोटो : अमर उजाला

आगरा में कड़ाके की ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया है। शीतलहर और गलन के कारण लोगों के हाथ-पैर सुन्न हो रहे हैं। सर्दी के सितम से जीव-जंतु भी बेहाल हैं। शीतलहर से जान बचाने के लिए घड़ियाल चंबल नदी के गहरे पानी के गड्ढों में दुबक गए हैं। वे इन दिनों शिकार करना भी छोड़ देते हैं। सिर्फ सांस लेने के लिए घंटों बाद नदी में पानी की सतह पर आते हैं।


 
चंबल के घड़ियालों पर अध्ययन कर रहे मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट के जैलाबुद्दीन ने बताया कि ठंड से बचने के लिए आजकल घड़ियाल चंबल नदी के गहराई वाले इलाके में बैठ गए हैं। घड़ियाल का मूवमेंट न होने की वजह से भोजन की जरूरत नहीं होती। बसा पिंडकों में जमा भोजन से जिंदा रहते हैं। उन्होंने बताया कि घड़ियाल कई घंटों तक बिना सांस लिए पानी में रह सकते हैं। यही कारण चंबल नदी की सतह पर घड़ियाल बहुत कम ही आते हैं।  

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चंबल नदी में घड़ियाल - फोटो : अमर उजाला
बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि राजस्थान से सटे रेहा से लेकर इटावा से लगे उदयपुर खुर्द तक वन विभाग की टीमें पेट्रोलिंग कर घड़ियालों की गतिविधियों पर नजर रखे हैं। कोई भी बीमार या अस्वस्थ घड़ियाल नहीं मिला है।
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चंबल नदी में घड़ियाल - फोटो : अमर उजाला

ठंड से सांप और कछुए की दिनचर्या भी होती है प्रभावित

जैलाबुद्दीन ने बताया कि घड़ियाल, मगरमच्छ की तरह ही ठंड से सांप और कछुए की दिनचर्या प्रभावित होती है। सर्दी के दिनों में सांप और कछुए भी शिकार के लिए बाहर नहीं निकलते हैं। ये भी बिलों में छिप जाते हैं।        
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चंबल नदी में नन्हें घड़ियाल - फोटो : अमर उजाला

15 साल पहले हुई थी 100 से ज्यादा  घड़ियालों की मौत

चंबल सेंक्चुअरी में 2008 में सर्दी के दिनों में 100 से ज्यादा घड़ियालों की मौत हुई थी। मौत की वजह घड़ियालों के लिवर कैडमियम से खराब होने की बात सामने आई थी। इसके लिए यमुना से चंबल में आई कबई मछली को जिम्मेदार माना गया था। तब से हर साल सर्दी में घड़ियालों के मूवमेंट पर वन विभाग नजर रख रहा है।
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चंबल नदी में घड़ियाल - फोटो : अमर उजाला

संकटग्रस्त जीवों की सूची में घड़ियाल 

दुनियाभर में घड़ियालों की प्रजाति संकटग्रस्त जीवों की सूची में है। घड़ियालों की 80 फीसदी आबादी चंबल नदी में मौजूद है। चंबल नदी में वर्ष 1979 से घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। हर साल इनकी गणना होती है।          

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