ब्रज के जिलों में वायरल और डेंगू कहर बरपा रहा है। गुरुवार को 16 लोगों ने दम तोड़ दिया। इनमें आगरा में सात, फिरोजाबाद के चार, मथुरा और कासगंज के दो-दो और मैनपुरी का एक व्यक्ति शामिल है। आगरा में बरहन के सराय जैराम के 10 माह के गोलू पुत्र रानू और गोपाल (14) की मौत हो गई। डौकी के 19 वर्षीय युवक की भी मौत हो गई। रुनकता के सींगना निवासी बैंककर्मी शुभम (27) की दिल्ली में बुखार से मौत हो गई। सींगना बुर्ज निवासी संध्या (4) पुत्री विजयपाल और हसीना (55) पत्नी जान मोहम्मद की बुखार से मौत हो गई।
जानलेवा बुखार: ब्रज में डेंगू-वायरल से 16 लोगों की मौत, मैनपुरी में प्रधान ने तोड़ा दम, आगरा में सात की गई जान
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मथुरा के गांव जनकपुर में मधु (10) पुत्री रामवीर की बुखार से और महावन के मोहल्ला बलदेवगढ़ निवासी बलवीर सिंह के बेटे शिवा (14) की डेंगू से मौत हो गई। मैनपुरी के विकासखंड सुल्तानगंज क्षेत्र के ग्राम जमथरी के प्रधान अरविंद उर्फ रामनाथ को चार दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने प्रधान को इलाज के लिए आगरा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बुधवार की रात प्रधान की उपचार के दौरान मौत हो गई। कासगंज में ढोलना निवासी दिव्या (15) पुत्री हाकिम सिंह की डेंगू से मौत हो गई। वहीं मोहनपुर के आलमपुर निवासी मूलचंद्र (60) पुत्र लाल सिंह को 6 दिन पहले बुखार आया। परिजन उपचार के लिए उसे नोएडा ले गए, जहां उसकी मौत हो गई ।
बुखार से तीन दिन में बैंककर्मी समेत तीन की मौत
रुनकता के गांव सीगना में तीन दिन बुखार से बैंक कर्मचारी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक सींगना निवासी शुभम (27) पुत्र गौरीशंकर बाह में बैंक कर्मचारी था। तेज बुखार की शिकायत पर उसे दिल्ली में भर्ती कराया गया था। जहां मंगलवार को उसकी मौत हो गई। 48 घंटे में ही बरहन और डौकी में दो बच्चों समेत तीन की जान चली गई। मंगलवार को बरहन के सराय जैराम के 10 माह के गोलू पुत्र रानू की मौत हुई थी। जबकि गुरुवार को गोपाल (14) की मौत हो गई। इससे पूर्व गांव में एक महिला और दो बच्चों की जान जा चुकी है। सराय जैराम निवासी रानू ने बताया कि उनके 10 माह का बेटा गोलू बुखार से पीड़ित था। एक डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। सोमवार को हालत बिगड़ने पर आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां मंगलवार को मौत हो गई। इसी तरह गुरुवार को गोपाल (14) पुत्र जगदीश की भी बुखार से मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक गोपाल को दो दिन से बुखार आ रहा था। उसका भी स्थानीय झोलाछाप से इलाज कराया गया था। इससे पूर्व गांव में दीपक पुत्र धर्मवीर, साहिल, सुमन पत्नी चंद्रपाल कुशवाह की बुखार से मौत हो चुकी है। प्रधान मुकेश यादव ने बताया कि गांव में अभी कई लोग बीमार हैं। डौकी क्षेत्र के ब्रह्म नगर इस्लामपुर निवासी मलखान (19) पुत्र बालमुकुंद चार दिन से बुखार से पीड़ित था। परिजन कुंडौल के एक झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। गुरुवार को परिजन आगरा ले जा रहे थे। पर, रास्ते में ही मलखान की मौत हो गई। परिजनों ने शाम को उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
फिरोजाबाद जिले में डेंगू व वायर से मौत का सिलसिला रुक नहीं रहा है। गुरुवार को भी चार लोगों की मौत हो गई। इसमें छह माह की बालिका भी शामिल है। शहर के मुकाबले देहात क्षेत्र में मरने वालों की संख्या अधिक है। अब कुल 245 लोगों की मौत हो चुकी है। खैरगढ़ के गांव खैय्यातान में भजनलाल (45) की आगरा के निजी अस्पताल में मौत हो गई है। भजनलाल के चार बच्चे हैं। इधर, खैरगढ़ निवासी छह माह की खुशी पुत्री पंकज कुमार ने भी इलाज के दौरान आगरा में दम तोड़ दिया। नीता देवी (45) पत्नी ठाकुरदास निवासी इंदुमई की मौत डेंगू से हुई है। महिला का इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था। गल्ला मंडी निवासी तमन्ना गुप्ता (22) पुत्री सौरभ गुप्ता ने डेंगू के इलाज के दौरान मौत हो गई है।
डेंगू से छात्रा और बुर्जुग की मौत, जिला में मौत का आंकड़ा बढ़कर हुआ 72
कासगंज में जानलेवा बुखार व डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। जिला में लगातार लोग मौत के आगोश में समाते जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को एक छात्रा व एक वृद्घ की डेंगू से मौत हो गई। जिससे परिवारों मे कोहराम मच गया। जिले में बुखार व डेंगू से मौत का आंकड़ा बढ़कर 72 पर पहुंच गया है। ढोलना निवासी छात्रा दिव्या (15) पुत्री हाकिम सिंह को 10 दिन पहले बुखार आया। परिजनों ने निजी चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद डेंगू की पुष्टि कर दी। काफी इलाज के बाद भी छात्रा को राहत नहीं मिली। उसने सुबह 6 बजे दम तोड़ दिया। उसकी मौत होते ही परिजन चीत्कार कर उठे। वह कक्षा नौ में पढ़ती थी। मोहनपुर के आलमपुर निवासी मूलचंद्र (60) पुत्र लाल सिंह को 6 दिन पहले बुखार आया। परिजन उसे निजी चिकित्सक के यहां ले गए। काफी इलाज के बाद भी जब राहत नहीं मिली तो परिजन नोएडा ले गए। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद डेंगू की पुष्टि कर दी। उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।