{"_id":"5ca9b60dbdec22146f516057","slug":"lok-sabha-elections-2019-ground-report-of-mathura-constituency","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मथुरा में राष्ट्रवाद के साथ स्थानीय मुद्दों की बात, कुछ ऐसा है यहां का सियासी हाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा में राष्ट्रवाद के साथ स्थानीय मुद्दों की बात, कुछ ऐसा है यहां का सियासी हाल
Sun, 07 Apr 2019 02:20 PM IST
मुकेश कुमार
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, मथुरा
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 07 Apr 2019 02:20 PM IST
विज्ञापन
भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी, कांग्रेस के महेश पाठक, रालोद के कुवंर नरेंद्र सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा का चुनाव इस बार बड़ा रोचक होने जा रहा है। सियासी मानचित्र पर वीआईपी सीट के नाम से पहचान बनाने वाले मथुरा संसदीय क्षेत्र में चुनावी चक्रव्यूह के सात द्वार बन गए हैं। कहीं राष्ट्रवाद का मुद्दा है तो कहीं जातीय समीकरणों की बिसात है। स्थानीय मुद्दे भी चर्चा में बने हुए हैं। कहीं बदहाल आलू किसानों की तस्वीर पेश की जा रही है तो कहीं खारा पानी, चीनी मिल और यमुना की सफाई जैसे मुद्दे चर्चा का विषय बन रहे हैं। दूसरी तरफ भारत द्वारा पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के कैंप को तबाह करने, अलगाववादियों पर कार्रवाई करने और सेना की मजबूती को लेकर खूब बातें हो रही हैं। पेश है यह रिपोर्ट...
कलक्ट्रेट पर चाय की दुकान पर चर्चा करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला की टीम मथुरा के कलक्ट्रेट चौराहा पर चाय की दुकान पर पहुंची। यहां कुछ लोग चाय की चुस्कियों के साथ चर्चा कर रहे थे। इनमें कुछ सरकारी कर्मचारी थे तो कुछ ऐसे लोग, जो ग्रामीण क्षेत्रों से अपने किसी काम के लिए आए थे। इन लोगों की चर्चा में भाजपा, रालोद और कांग्रेस तीनों रहे।
सुरेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने घोषणापत्र में 22 लाख रिक्त पदों को जो भरने की बात कही है वो सराहनीय है। नेमचंद ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में 7200 रुपये की बात भी अच्छी। वहीं कन्हैया ने कहा कि सबसे बड़ा देश होता है। देश हित के बारे में सोचना चाहिए। वहीं एक किसान ने कहा कि गठबंधन सबसे ताकतवर है।
सुरेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने घोषणापत्र में 22 लाख रिक्त पदों को जो भरने की बात कही है वो सराहनीय है। नेमचंद ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में 7200 रुपये की बात भी अच्छी। वहीं कन्हैया ने कहा कि सबसे बड़ा देश होता है। देश हित के बारे में सोचना चाहिए। वहीं एक किसान ने कहा कि गठबंधन सबसे ताकतवर है।
चाय की दुकान पर चुनाव पर चर्चा करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
रेल रोड पर सुभाष बाबू की चाय की दुकान है। यहां भी चुनाव पर चर्चा हो रही थी। सुभाष कहते हैं कि मोदी सरकार ने हर वर्ग के बारे में कुछ किया है। आज विदेशों में भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में पहचाना जा रहा है। वहीं सुरेश चौधरी कहने लगते हैं कि आज किसानों की फसलों को खुला घूम रहा गोवंश चौपट कर रहा है उसका क्या। वहीं चौब सिंह बीच में खड़े हो जाते हैं और कहते है कि राहुल को भी मौका मिलना चाहिए। सौदान सिंह ने चौब सिंह को बीच में रोकते हुए कहा कि गठबंधन कहां कमजोर है। किसानों की बात गठबंधन में ही हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा में जातीय समीकरण (ग्राफिक्स)
- फोटो : अमर उजाला
गोवर्धन में चुनाव पर चर्चा खूब हो रही है। कस्बे के बड़ा बाजार में पवन मित्तल कहते हैं कि मोदीजी को एक बार और देश की सेवा का मौका मिलना चाहिए। कसाई पाड़ा निवासी शिवादुद्दीन कहने लगते हैं कि कहां से बनेंगे, मुश्किल लग रहा है। प्रहलाद किशोर जातीय समीकरण पेश करते हुए गठबंधन को सबसे भारी बताते हैं। कहते हैं कि भाजपा को नाराजगी झेलने पड़ सकती है। विनीत कहते हैं कि अभी काफी समय है। चुनाव का माहौल बनेगा बिगड़ेगा। पानी की समस्या तो कोई दूर करता नहीं। खारा पानी पीने को लोग मजबूर हैं।
विज्ञापन
मथुरा सीट पर 2014 के नतीजे (ग्राफिक्स)
- फोटो : अमर उजाला
कस्बा मांट में वृंदावन तिराहे पर चुनाव पर चर्चा के दौरान भगवत स्वरूप ने शिक्षामित्रों की बात उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों के बारे में सरकारों को सोचना चाहिए। इसी दौरान लाला तिवारी कहने लगते हैं आज किसानों की फसलों को देख लो। खुला गोवंश नुकसान पहुंचा जा रहा है। अब यह किसान भला भाजपा के साथ चले जाएंगे। रघुवीर सिंह भी उनकी हां में हां मिलाकर कहते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान की मांग की थी लेकिन हमें तो कहीं मिल नहीं पाया। जबकि कई बार जांच भी कर ली गई।