मैनपुरी में नवोदय छात्रा की कथित हत्या व दुष्कर्म के मामले में छात्रा की मां ने स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में दिए गए अपने बयान में आबकारी मंत्री रामनरेश अग्रिहोत्री के बेटे अंकुर अग्निहोत्री का नाम लिया था। बयान के आधार पर ही एसआईटी ने नार्को टेस्ट के लिए आवेदन किया। इससे पहले एसआईटी अंकुर का डीएनए टेस्ट भी करा चुकी है। अंकुर का कहना है कि मुझे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
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मैनपुरी छात्रा हत्याकांड: जिस मामले में आबकारी मंत्री के पुत्र का होगा नार्को टेस्ट, उसमें अब तक क्या हुआ ?
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 04 Mar 2022 02:58 PM IST
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मैनपुरी नवोदय छात्रा हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट
डीजीपी हो चुके हैं तलब
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान विवेचना से संतुष्ट नहीं होने पर हाईकोर्ट ने प्रदेश के डीजीपी आशुतोष पांडेय तक को तलब कर लिया था। उनको एक दिन के लिए प्रयागराज नहीं छोड़ने का निर्देश दिया था। दूसरे दिन अभियोजन का स्पष्ट पक्ष रखने पर ही उनको प्रयागराज से लखनऊ जाने की अनुमति हाईकोर्ट ने दी थी।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान विवेचना से संतुष्ट नहीं होने पर हाईकोर्ट ने प्रदेश के डीजीपी आशुतोष पांडेय तक को तलब कर लिया था। उनको एक दिन के लिए प्रयागराज नहीं छोड़ने का निर्देश दिया था। दूसरे दिन अभियोजन का स्पष्ट पक्ष रखने पर ही उनको प्रयागराज से लखनऊ जाने की अनुमति हाईकोर्ट ने दी थी।
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नवोदय विद्यालय में एसआईटी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
सीबीआई जांच के लिए दिया था धरना
छात्रा की मौत के बाद उसके परिजनों ने नगर पालिका के शहीद पार्क में सीबीआई जांच कराने की मांग करके धरना दिया था। डीएम ने शासन के लिए पत्र भी लिखा था। शासन ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर सीबीआई जांच कराने की संस्तुति भी की थी, लेकिन सीबीआई जांच को मंजूरी नहीं मिल सकी।
छात्रा की मौत के बाद उसके परिजनों ने नगर पालिका के शहीद पार्क में सीबीआई जांच कराने की मांग करके धरना दिया था। डीएम ने शासन के लिए पत्र भी लिखा था। शासन ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर सीबीआई जांच कराने की संस्तुति भी की थी, लेकिन सीबीआई जांच को मंजूरी नहीं मिल सकी।
आबकारी मंत्री के पुत्र अंकुर अग्निहोत्री
- फोटो : अमर उजाला
राजनीतिक साजिश के तहत मुझे फंसाया जा रहा
आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री के पुत्र अंकुर अग्निहोत्री ने गुरुवार की शाम को अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि उनको राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। जब से घटना हुई उनका नाम कहीं नहीं था। फरवरी 2022 में एसआईटी ने उनका नाम अचानक शामिल कर दिया। उनका इस वारदात से कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस को दिए गए बयानों में उनका नाम नहीं था। एसआईटी जांच के लिए जहां बुलाएगी वहां जाऊंगा। एसआईटी जो भी टेस्ट कराना चाहती है उसके लिए मैं तैयार हूं। मामले का पारदर्शी तरीके से खुलासा होना चाहिए। हम पीड़ित परिवार की मदद को तैयार हैं। नार्को टेस्ट के लिए मैंने खुद न्यायालय में अपनी सहमति दी है।
आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री के पुत्र अंकुर अग्निहोत्री ने गुरुवार की शाम को अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि उनको राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। जब से घटना हुई उनका नाम कहीं नहीं था। फरवरी 2022 में एसआईटी ने उनका नाम अचानक शामिल कर दिया। उनका इस वारदात से कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस को दिए गए बयानों में उनका नाम नहीं था। एसआईटी जांच के लिए जहां बुलाएगी वहां जाऊंगा। एसआईटी जो भी टेस्ट कराना चाहती है उसके लिए मैं तैयार हूं। मामले का पारदर्शी तरीके से खुलासा होना चाहिए। हम पीड़ित परिवार की मदद को तैयार हैं। नार्को टेस्ट के लिए मैंने खुद न्यायालय में अपनी सहमति दी है।
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एसआईटी का कैंप ऑफिस
- फोटो : अमर उजाला
करीब डेढ़ सौ लोगों के हो चुके हैं टेस्ट
एसआईटी दुष्कर्म की पुष्टि के लिए डेढ़ सौ के करीब लोगों का टेस्ट करा चुकी है। करीब चार सौ से अधिक लोगों के कॉल डिटेल ट्रेस किए गए। करीब 500 से अधिक संदिग्धों के डीएनए जांच कराई जा चुकी है। वहीं 160 से अधिक के लाई डिटेक्टर टेस्ट कराए जा चुके हैं।
27 संदिग्धों की ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट भी एसआईटी द्वारा अब तक कराए जा चुके हैं। वहीं कार्रवाई के तौर पर एसआईटी नवोदय विद्यालय की तत्कालीन प्रधानाचार्या सुषमा सागर को जेल भेज चुकी है। बावजूद इसे अभी तक खुलासा नहीं हो सका है।
एसआईटी दुष्कर्म की पुष्टि के लिए डेढ़ सौ के करीब लोगों का टेस्ट करा चुकी है। करीब चार सौ से अधिक लोगों के कॉल डिटेल ट्रेस किए गए। करीब 500 से अधिक संदिग्धों के डीएनए जांच कराई जा चुकी है। वहीं 160 से अधिक के लाई डिटेक्टर टेस्ट कराए जा चुके हैं।
27 संदिग्धों की ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट भी एसआईटी द्वारा अब तक कराए जा चुके हैं। वहीं कार्रवाई के तौर पर एसआईटी नवोदय विद्यालय की तत्कालीन प्रधानाचार्या सुषमा सागर को जेल भेज चुकी है। बावजूद इसे अभी तक खुलासा नहीं हो सका है।