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UP: सुपारी किलर के भतीजे को फांसी, जानें क्यों की थी बहन की हत्या; दिल दहला देने वाली वारदात की कहानी
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:04 AM IST
सार
आगरा की अदालत ने शाहगंज में संपत्ति विवाद के चलते बहन पूनम चौधरी की गोली मारकर हत्या करने वाले ललित चौधरी उर्फ निक्कू को फांसी की सजा सुनाई है। निक्कू कुख्यात सुपारी किलर ओपी-लाला का भतीजा है और कोर्ट ने इसे विरलतम अपराध मानते हुए मौत की सजा का आदेश दिया।
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पुलिस गिरफ्त में निक्कू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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आगरा के शाहगंज में साढ़े तीन साल पहले बहन पूनम की हत्या के आरोपी ललित चाैधरी उर्फ निक्कू को मंगलवार को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। संपत्ति के विवाद में हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। दोषी निक्कू सुपारी किलर रहे ओपी-लाला का भतीजा है। उसने भाभी पर भी गोली चलाई थी। हत्या के प्रयास की धारा में भी उसे कोर्ट ने आजीवन कारावास और आयुध अधिनियम में सात साल की सजा सुनाई। साथ ही 4.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
वारदात वाला घर ( फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना 26 नवंबर 2022 की है। शाहगंज के जोगीपाड़ा निवासी नीलू चौधरी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि घटना वाले दिन सुबह 10 बजे अपनी ननद पूनम चौधरी के साथ घर पर ही थीं। घर के बाहर दुकान पर ताला लगा रही थीं। तभी देवर ललित चौधरी उर्फ निक्कू आ गया। उसने कहा कि दुकान पर ताला क्यों लग रही हो। उन्होंने कहा कि यह तो हमारा हक है, तुम पूरी दुकानों का किराया लेते हो और हमें कुछ नहीं देते, इसलिए मैं ताला लगा रही हूं।
वारदात वाला घर ( फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ललित ने ताला लगाने का विरोध करते हुए कहा कि अभी कुछ नहीं दूंगा। कोर्ट से जाकर मांग लो। इसके बाद भी उन्होंने ननद के साथ मिलकर ताला लगा दिया। इससे गुस्से में आए निक्कू ने बहन पूनम के ऊपर गोलियां चला दीं, जिनमें से 6 गोली उसे लगीं। सातवीं गोली नीलू के हाथ में लगी। पूनम की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी ललित चौधरी मौके से फरार हो गया था।
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बरामद पिस्टल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने हत्या, हत्या का प्रयास और आयुध अधिनियम के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। 28 नवंबर 2022 को आरोपी ललित को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था और 30 एमएम की पिस्टल बरामद की थी। कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया था। आरोपी फिरोजाबाद जेल में बंद है। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी नीलू चौधरी, राकेश कुमार, ब्रह्मचंद गोस्वामी, डॉ. विशाल उपाध्याय, डॉ. विनय गोयल सहित 10 गवाह अदालत में पेश किए गए। बचाव पक्ष से साधना श्रीवास्तव और लखन गोस्वामी की गवाही दर्ज हुई। उन्होंने कहा कि गोलियां चलने की आवाज सुनकर वह घटना स्थल पर पहुंचे थे लेकिन निक्कू मौजूद नहीं था। दो अज्ञात युवक हाथ में हथियार लेकर भाग रहे थे। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को सही मानते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई। सजा के बाद निक्कू को वापस फिरोजाबाद जेल भेज दिया गया।
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मृतका का फाइल फोटो और घायल भाभी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाहगंज बाजार में था ओपी-लाला गिरोह का दबदबा
पुलिस के मुताबिक, ललित चाैधरी उर्फ निक्कू शाहगंज के सुपारी किलर ओपी और लाला का भतीजा है। शाहगंज बाजार में ओमप्रकाश और लाला का दबदबा था। दोनों के गुर्गों के नाम अब भी सामने आते रहते हैं। वर्ष 1989 में बलवा और जानलेवा हमले में दोनों का नाम सामने आया था। 10 साल बाद थाना हरीपर्वत के नटराज सिनेमा के सामने दोहरा हत्याकांड हुआ था। तब भी ओपी और लाला के गिरोह का नाम सामने आया था। हत्याकांड को सुपारी लेकर अंजाम दिया गया था। वर्ष 2009 में शैल कुंद्रा हत्याकांड में भी ओपी का नाम चर्चा में आया था। उनका भतीजा निक्कू भी बाजार में रंगबाजी करता था। बाद में पुलिस ने लाला को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। वर्ष 2013 में प्रयागराज में सड़क दुर्घटना में ओपी की मौत हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक, ललित चाैधरी उर्फ निक्कू शाहगंज के सुपारी किलर ओपी और लाला का भतीजा है। शाहगंज बाजार में ओमप्रकाश और लाला का दबदबा था। दोनों के गुर्गों के नाम अब भी सामने आते रहते हैं। वर्ष 1989 में बलवा और जानलेवा हमले में दोनों का नाम सामने आया था। 10 साल बाद थाना हरीपर्वत के नटराज सिनेमा के सामने दोहरा हत्याकांड हुआ था। तब भी ओपी और लाला के गिरोह का नाम सामने आया था। हत्याकांड को सुपारी लेकर अंजाम दिया गया था। वर्ष 2009 में शैल कुंद्रा हत्याकांड में भी ओपी का नाम चर्चा में आया था। उनका भतीजा निक्कू भी बाजार में रंगबाजी करता था। बाद में पुलिस ने लाला को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। वर्ष 2013 में प्रयागराज में सड़क दुर्घटना में ओपी की मौत हो गई थी।