आगरा स्वास्थ्य विभाग ने श्री पारस अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए विभाग ने दो सदस्यीय एक आंतरिक कमेटी भी बनाई है। दो दिन में जांच पूरी करने का समय दिया है। वहीं भगवान टॉकीज स्थित श्री पारस अस्पताल में ऑक्सीजन संकट के दौरान दमघोंटू मॉकड्रिल को लेकर मचे घमासान पर जिलाधिकारी और अस्पताल प्रबंधन आमने-सामने हैं। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं थी। जबकि अस्पताल संचालक डॉ. अरिन्जय जैन ने कहा कि ऑक्सीजन इतनी भी पर्याप्त नहीं थी कि सभी गंभीर मरीजों को आपूर्ति हो पाती। ऐसे में प्रशासन के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि कथित तौर पर 22 मरीजों की मौत के मामले में अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। संचालक को नोटिस दिया है। मामले की जांच के लिए एसीएमओ डॉ. वीरेंद्र भारती और एसीएमओ डॉ. संजीव वर्मन को जिम्मेदारी सौंपी हैं। इनसे दो दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगरा श्री पारस अस्पताल: स्वास्थ्य विभाग ने लाइसेंस किया निलंबित, जानिए डीएम और संचालक ने क्या कहा
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं थी। जबकि अस्पताल संचालक डॉ. अरिन्जय जैन ने कहा कि ऑक्सीजन इतनी भी पर्याप्त नहीं थी कि सभी गंभीर मरीजों को आपूर्ति हो पाती। ऐसे में प्रशासन के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिला प्रशासन के मुताबिक श्री पारस अस्पताल में तीन दिन 25 से 27 अप्रैल तक 387 सिलिंडर भेजे गए। इतने सिलिंडर वहां भर्ती मरीजों के लिए पर्याप्त थे। इससे पहले और बाद में भी पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई। डीएम के मुताबिक ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पताल में कोई मौत नहीं हुई थी। इसके अलावा अस्पताल में 20 रिजर्व सिलिंडर थे। जिनसे तीन से चार घंटे तक आकस्मिक स्थिति में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन दी जा सकती थी। अस्पताल में भर्ती रात में दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किए गए हैं।
डीएम के इस जवाब पर डॉ. अरिन्जय जैन ने कहा कि जो मरीज 10 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन फ्लो पर भर्ती थे उनके लिए ऑक्सीजन पर्याप्त नहीं थी। हमें 200 सिलिंडर की जरूरत के सापेक्ष 110 सिलिंडर मिले। मुझे मेरे वेंडर ने बताया कि मोदी नगर और अन्य जगह प्लांट ड्राई हो गए हैं। उसी बात को मैंने वीडियो में कहा। डॉ. अरिन्जय जैन ने कहा कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए। हम सहयोग को तैयार है। उन्होंने अस्पताल को सील करने पर आपत्ति जताई है।
- 25 अप्रैल : 149 सिलिंडर - 20 सिलिंडर रिजर्व
- 26 अप्रैल : 121 सिलिंडर - 15 सिलिंडर रिजर्व
- 27 अप्रैल : 117 सिलिंडर - 16 सिलिंडर रिजर्व
- 28 अप्रैल : 135 सिलिंडर - 18 सिलिंडर रिजर्व
(प्रशासन से जारी रिपोर्ट)
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