आगरा में शमसाबाद रोड स्थित पुष्पांजलि क्लाउड वैली में 18 दिनों से बत्ती गुल है। 96 घरों में अंधेरा पसरा है। बिना बिजली और पानी के यहां घरों पर ताले लटकने लगे हैं। तीन परिवार कॉलोनी छोड़कर चले गए हैं। बीमार, बुजुर्ग और बच्चे बेहाल हैं। शादी वाले तीन घरों में अंधेरा पसरा है। 11 नवंबर को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने बिल्डर द्वारा 30 लाख रुपये का बकाया नहीं चुकाने पर बिजली काटी थी। 2013-14 में बिल्डर ने मुंशीलाल के नाम से कॉलोनी में निर्माण कार्यों के लिए 100 किलो वॉट का अस्थायी कनेक्शन (एलएमवी-9) लिया था, जिसकी मियाद 2019 में खत्म हो गई। इस दौरान बिल्डर ही सब मीटर से कॉलोनी के घरों से बिल वसूलता रहा। इनमें 60 फीसदी लोगों ने बिल दिए, 40 फीसदी लोगों ने बिल ही जमा नहीं किए। बिल्डर पर 30 लाख से अधिक विद्युत बकाया हो गया। 11 नवंबर को बिजली काट दी गई। इस कॉलोनी में 450 से अधिक प्लॉट हैं। इनमें 100 घर बने हुए हैं जिनमें से 96 में लोग रहते हैं।
अंधेरगर्दी: 18 दिन से 96 घरों में अंधेरा, बिन बिजली-पानी लोग पलायन के लिए मजबूर, तस्वीरें
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तीन घरों पर लटके हैं ताले
मकान नंबर 21 निवासी सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि पिता की बाईपास सर्जरी हुई थी। मैं आजमगढ़ में तैनात हूं। बिजली व पानी नहीं होने के कारण पिता को मैनपुरी में बहन के घर रहने को भेजना पड़ा है। घर के गेट पर 15 दिन से ताला लटका है। धीरज कुमार के मकान नंबर 238 और सुनील गुप्ता के मकान नंबर 263 पर ताला लटका है। पड़ोसियों ने बताया कि बिजली नहीं होने के कारण ये घर छोड़ कर दूसरी जगह रहने चले गए हैं।
मकान नंबर 244 निवासी फौरन सिंह रेलवे से रिटायर्ड हैं। उनकी बेटी प्रभा की शादी है। आज बरात आनी है। घर के बाहर जेनरेटर रखा है। दो ड्रम पानी के रखे हैं। प्रभा की मां निशा ने बताया कि रोज एक हजार रुपये का पानी खरीदना पड़ रहा है। घर में रिश्तेदार आए हुए हैं, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण अंधेरे में रह रहे हैं। म.सं. 247 निवासी शगुन तोमर ने बताया कि 30 नवंबर को बेटे की शादी है। घर में बिजली नहीं। यहीं के निवासी मौरिस यूनिस ने बताया कि मैंने 17 नवंबर को बिना बिजली के अपनी बेटी की शादी की है।
सोसायटी के कुछ लोगों की लापरवाही के कारण सभी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थायी कनेक्शन हो गए हैं। समस्या का समाधान निकाल लिया है। सोमवार तक विद्युत आपूर्ति शुरू हो जाएगी। - मयंक अग्रवाल, बिल्डर
हमें बकाया राशि चाहिए
30 लाख रुपये से अधिक बकाया है। बिल्डर और स्थानीय लोगों की बैठक हुई थी। जिसमें उन्होंने लिख कर दिया है कि हम बकाया चुकाएंगे। हमें बकाया राशि चाहिए। दो महीने पहले विद्युतीकरण हो चुका है। बकाया मिलने पर बिजली चालू कर दी जाएगी। -अमित कुमार, अधिशासी अभियंता, डीवीवीएनएल
मोमबत्ती की रोशनी में खाना बनाना पड़ रहा है। मोबाइल चार्ज करने दस किमी दूर जाना पड़ता है। कोई सुनवाई नहीं हो रही। - ज्योति लांबा
पानी के लिए भी तरसे
मैं दिल की मरीज हूं। दवाइयां चल रही हैं। 18 दिन से घर में बिजली नहीं। बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए हैं। बीमार का मरना है। - एलिना पॉल
दूसरों की गलती की सजा भुगत रहे
जिन लोगों के बिल जमा हैं उनका क्या कसूर है। उनकी बिजली तो चालू हो। सोसायटी में कुछ लोगों की गलती की सजा सभी भुगत रहे हैं। - अनीता शर्मा
बिना बिजली परेशान
आज के इस दौर में कोई बिना बिजली के कैसे रह सकता है। मैं सांस की मरीज हूं। बीमार रहती हूं। बिना बिजली के बहुत परेशानी है। - विजया कुशवाह
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