आगरा में बीएसएनएल के जेटीओ (जूनियर टेलीफोन ऑफिसर) की हत्या में पुलिस महीने भर के भीतर ही आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जेल भेजी गई जेटीओ की पत्नी और उसके प्रेमी के मोबाइल से अहम साक्ष्य मिले हैं। पति के सो जाने के बाद पत्नी अपने प्रेमी से व्हाट्सएप पर चैटिंग करती थी। रात 12 से तीन बजे तक उनके बीच हुई चैटिंग की जानकारी भी पुलिस को मिली है। इन्हें साक्ष्य के रूप में कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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वीरेंद्र कुमार का फाइल फोटो
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थाना शाहगंज क्षेत्र के पंचशील कॉलोनी, दौरैठा नंबर एक निवासी वीरेंद्र कुमार पुत्र नाथूराम की हत्या चार जनवरी की रात को कर दी गई थी। उनका शव रविवार तड़के तकरीबन चार बजे घर से 400 मीटर दूर सौ फुटा रोड पर पड़ा मिला था। उनकी पसलियों पर चोट थी। मृतक के भाई सुशील कुमार वर्मा ने अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 48 घंटे में हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मृतक की पत्नी भावना, उसके प्रेमी कपिल और मनीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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आरोपी महिला
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भावना का मायका गढ़ी भदौरिया में है। वीरेंद्र से उसकी शादी को 14 साल हो चुके हैं। उनके दो बच्चे हैं। भावना के मोबाइल की कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैटिंग के बारे में पुलिस ने उसका बयान भी दर्ज किया। जेल जाने से पहले उसने बताया कि वो जिस मोबाइल फोन से जेई कपिल से बात करती थी, वो पति ने उसके जन्मदिन पर गिफ्ट किया था।
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आरोपी महिला और उसका प्रेमी
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कपिल हर कदम फूंक फूंककर रखता था। उसे डर था कि कहीं वीरेंद्र को शक हो गया और उसने उसके (भावना के) मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई तो भेद खुल जाएगा, इसलिए एक साल पहले उसने भावना को सिम कार्ड खरीदकर दिया था। यह उसने अपने ही नाम से खरीदा था। जो मोबाइल भावना को पति ने गिफ्ट किया था, उसी से प्रेमी से चैटिंग कर हत्या की साजिश रची थी।
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आरोपी मनीष
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पुलिस को कपिल के पास तीन सिम कार्ड मिले। एक भावना से बात करने के लिए था, दूसरा अन्य लोगों से बात करने के लिए। तीसरा वीरेंद्र को फोन करने के लिए खरीदा गया था। उसे इसी से फोन कर बुलाया गया था। इसके बाद हत्या कर दी गई। इसी को मोबाइल में डालकर उसने इंटरनेट से कॉल की। उसने वेबसाइट पर पढ़ा था कि नेट की कॉल को ट्रैस नहीं किया जा सकता है।