ताजगंज के ओम श्री प्लेटिनम अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से फेंक कर की गई रितिका की हत्या के मामले में आगरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। रितिका के पति और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। वहीं फ्लैट नंबर 404 से फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने साक्ष्य भी जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार मौके पर जिस तरह सामान बिखरा मिला, उससे प्रतीत होता है कि रितिका खुद को बचाने के लिए अंतिम समय तक संघर्ष करती रही। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने मौके से बाल का गुच्छा भी बरामद किया है। ये टूटे हुए बाल किसके हैं, इसका अंदाजा तो जांच के बाद ही हो सकेगा, लेकिन माना ये जा रहा कि हाथापाई के दौरान ये बाल टूटे होंगे।
Ritika Murder Case: रितिका ने अंतिम समय तक नहीं मानी थी हार, ये तस्वीरें बयां कर रहीं हत्या से पहले हुए संघर्ष की कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरी तैयारी से आया था आकाश
पूछताछ में यह भी पता चला कि आकाश गौतम पूरी तैयारी से आया था। सुबह 10:36 बजे अपार्टमेंट के गेट पर पहले उसने अपने साथ की दोनों महिलाओं से एंट्री कराई, जिससे किसी को शक न हो। यह सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहा है। गार्ड मुन्ना ने टोका तो दो और लोगों के साथ आकाश आ गया, उसने महिला से ही एंट्री कराई। उन्होंने सुनीता नाम लिखते हुए फ्लैट नंबर 601 में जाने की बात लिखी, जबकि उन्हें 404 में जाना था। मोबाइल नंबर के आगे आकाश का नाम भी लिखा। पांचों अंदर चले गए।
15 से 20 मिनट में हुई पूरी घटना
15 से 20 मिनट बाद ही अपार्टमेंट के पिछले हिस्से से गिरने की आवाज आई। लोगों के शोर मचाने पर गार्ड ने गेट बंद कर दिया। लाश पड़ी मिलने पर लोगों ने वहां से भागते आकाश और उसके साथ की महिलाओं को पकड़ लिया। वहीं दो अन्य साथियों का पता नहीं चला। लोग फ्लैट में पहुंचे तो विपुल बंद मिला। उसे खोलकर बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलन किया।
फ्लैट में बिखरा था सामान, टूटे मिले बाल
पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने फ्लैट में जांच की। फ्लैट में सामान बिखरा हुआ था। सेंडल पड़ी हुई थी। बाल का गुच्छा भी था। वहीं गमला गिरा पड़ा था। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने बाल को कब्जे में लिया है।
पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि आकाश और उसके साथ के लोग किस वाहन से आए थे। क्योंकि उन्होंने गेट से पैदल ही प्रवेश किया था। बाहर भी कोई वाहन आकर नहीं रुका।