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रिटायर्ड एडीएम का कत्ल: नौकर ने इसलिए साहब को मार डाला, परिवार को सुनाई ये कहानी, इस बात से था बेफिक्र; पर...
Thu, 23 Jan 2025 10:33 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज
अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 23 Jan 2025 10:33 AM IST
सार
रिटायर्ड एडीएम राजेंद्र प्रसाद की हत्या को उनके ही नौकर धर्मेंद्र कश्यप ने अंजाम दिया। उसने इस वारदात को अंजाम देकर अपने आप को बचाने के लिए ऐसा स्वांग रचा कि परिजनों व पुलिस को उस पर शक नहीं हो।
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kasganj murder
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज में सेवानिवृत्त एडीएम राजेंद्र प्रसाद कश्यप की हत्या नौकर धर्मेंद्र कश्यप ने सिर पर सब्बल से वार कर की थी। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा कर आरोपी नौकर को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त सब्बल भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
नौकर धर्मेंद्र कश्यप पर नहीं था शक
पूर्व एडीएम राजेंद्र प्रसाद मूलरूप से कासगंज जिले के गोरहा के रहने वाले थे। वर्तमान में इनका परिवार गाजियाबाद के वसुंधरा में रहता है। पूर्व एडीएम की हत्या मंगलवार तड़के उनके ही गेस्ट हाउस में की गई थी। एसपी ने वारदात के खुलासे की जिम्मेदारी सदर कोतवाली पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच व सर्विलांस पुलिस को दी थी। पूर्व एडीएम के पुत्र शुभम कश्यप व अन्य परिजन को नौकर धर्मेंद्र कश्यप पर शक नहीं था। शुभम ने जो तहरीर पुलिस को दी थी, उसमें चोरी का तो जिक्र था लेकिन नौकर पर शक नहीं जताया गया था। शुभम ने एक युवक पर शक जताया था जिसके घर से चोरी का सामान बरामद हुआ था।
पूर्व एडीएम राजेंद्र प्रसाद मूलरूप से कासगंज जिले के गोरहा के रहने वाले थे। वर्तमान में इनका परिवार गाजियाबाद के वसुंधरा में रहता है। पूर्व एडीएम की हत्या मंगलवार तड़के उनके ही गेस्ट हाउस में की गई थी। एसपी ने वारदात के खुलासे की जिम्मेदारी सदर कोतवाली पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच व सर्विलांस पुलिस को दी थी। पूर्व एडीएम के पुत्र शुभम कश्यप व अन्य परिजन को नौकर धर्मेंद्र कश्यप पर शक नहीं था। शुभम ने जो तहरीर पुलिस को दी थी, उसमें चोरी का तो जिक्र था लेकिन नौकर पर शक नहीं जताया गया था। शुभम ने एक युवक पर शक जताया था जिसके घर से चोरी का सामान बरामद हुआ था।
जांच पड़ताल करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
बीते 27 दिसंबर को हुई थी गेस्ट हाउस में चोरी
एसपी ने बताया कि बीते 27 दिसंबर को पूर्व एडीएम राजेंद्र कश्यप अपने घर गाजियाबाद चले गए थे। उनकी अनुपस्थिति में नौकर धर्मेंद्र कश्यप ने गेस्ट हाउस में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। गेस्टहाउस से बेड, गद्दे और अन्य सामान चोरी कर बेच दिया। चोरी की सामान बेचते समय उसने बेड खरीदने वाले व्यक्ति को अपना नाम नहीं बताया था।
एसपी ने बताया कि बीते 27 दिसंबर को पूर्व एडीएम राजेंद्र कश्यप अपने घर गाजियाबाद चले गए थे। उनकी अनुपस्थिति में नौकर धर्मेंद्र कश्यप ने गेस्ट हाउस में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। गेस्टहाउस से बेड, गद्दे और अन्य सामान चोरी कर बेच दिया। चोरी की सामान बेचते समय उसने बेड खरीदने वाले व्यक्ति को अपना नाम नहीं बताया था।
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जांच पड़ताल करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
चाय का तो था बहाना, मकसद था जान लेना
रिटायर्ड एडीएम राजेंद्र प्रसाद की हत्या को उनके ही नौकर धर्मेंद्र कश्यप ने अंजाम दिया और उसने इस वारदात को अंजाम देकर अपने आप को बचाने के लिए ऐसा स्वांग रचा कि परिजनों व पुलिस को उस पर शक नहीं हो। वारदात की रात आरोपी नौकर ने परिजनों को फोन करके बताया था कि एडीएम की तबीयत ठीक नहीं है इसलिए वह चाय पिलाकर जा रहा है, लेकिन इस बीच नौकर ने रिटायर्ड एडीएम की हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया।
रिटायर्ड एडीएम राजेंद्र प्रसाद की हत्या को उनके ही नौकर धर्मेंद्र कश्यप ने अंजाम दिया और उसने इस वारदात को अंजाम देकर अपने आप को बचाने के लिए ऐसा स्वांग रचा कि परिजनों व पुलिस को उस पर शक नहीं हो। वारदात की रात आरोपी नौकर ने परिजनों को फोन करके बताया था कि एडीएम की तबीयत ठीक नहीं है इसलिए वह चाय पिलाकर जा रहा है, लेकिन इस बीच नौकर ने रिटायर्ड एडीएम की हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया।
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जांच पड़ताल करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
सुबह नौकर धर्मेंद्र कपड़े बदलकर फिर से गेस्ट हाउस पहुंचा और उसने कहानी को आगे बढ़ाते हुए कहा कि साहब की आवाज सुनाई नहीं दी तो वह पीछे की ओर बने दरवाजे की ओर गया और वहां दरवाजे की कुंडी टूटी हुई थी। टूटे दरवाजे से वह अंदर पहुंचा तो शव टिनशेड के नीचे पड़ा हुआ था। सुबह करीब 9 बजे धर्मेंद्र ने यह सूचना परिवार के लोगों को दी और पुलिस को मामले की जानकारी दी।