फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एक बेटे की बेबसी: ‘श्रवण कुमार’ का संघर्ष भी नहीं बचा पाया पिता के प्राण, दिल को झकझोरती हैं ये तस्वीरें

Tue, 27 Apr 2021 10:28 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 27 Apr 2021 10:28 AM IST
विज्ञापन
son reached sn medical college with lifted ill father in the lap in agra
मृत पिता को एकटक देखता रहा बेटा - फोटो : अमर उजाला

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी के सामने सोमवार को पिता के प्राण बचाने के लिए एक ‘श्रवण कुमार’ के संघर्ष को देखकर लोगों के आंसू छलक पड़े। पिता को गोदी में उठाए एक बेटा एसएन इमरजेंसी की ओर बढ़ा तभी लड़खड़ाकर गिर गया। दौड़कर स्ट्रेचर लाया, किसी तरह गिरते-पड़ते पिता को चिकित्सक के पास पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। महामारी के इस दौर जब अपनों को कंधा देने के लिए भी लोग आगे नहीं आ रहे हैं, ऐसे में एक बेटे का अपने पिता के प्राण बचाने के लिए इस तरह संघर्ष को देखकर लोगों के आंसू झलक पड़े।

son reached sn medical college with lifted ill father in the lap in agra
बीमार पिता को गोद में उठाकर ले जाता बेटा - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को दोपहर करीब 12:15 बजे 22-23 वर्ष का युवक अपने पिता को गोदी में लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी की ओर बढ़ा। परिसर के गेट तक पहुंचा ही था कि लड़खड़ाकर गिर गया। उठकर बीमार पिता को फुटपाथ पर लिटाया और स्ट्रेचर लेने भागा।
son reached sn medical college with lifted ill father in the lap in agra
मृत पिता को एकटक देखता रहा बेटा - फोटो : अमर उजाला
युवक स्ट्रेचर लेकर आया, लेकिन बीमार पिता को उस पर अकेले लिटा नहीं पा रहा था, बेटे के संघर्ष को देखकर दो लोग और मदद को आ गए। इसके बाद बेटा अपने पिता को लेकर अंदर गया। चिकित्सक ने बीमार व्यक्ति को देखने के बाद मृत घोषित कर दिया। करीब 15 मिनट बाद बेटा रोते हुए बाहर निकला। इस दृश्य को देखने वालों के भी खुद के आंसुओं को रोक न सके। 
विज्ञापन
विज्ञापन
son reached sn medical college with lifted ill father in the lap in agra
एसएन के बाहर ऑटो में मरीज और तीमारदार - फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सोमवार को ऑक्सीजन की कमी बताकर मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। मरीजों को यहां लेकर पहुंचे, रोते-बिलखते वापस लौटे। नेहरू नगर की मीनू मल्होत्रा को तेज बुखार था। परिजन ऑटो से लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे एसएन मेडिकल पहुंचे। परिजनों ने आधे घंटे तक उन्हें भर्ती कराने का प्रयास किया। बताया गया कि ऑक्सीजन की उपलब्धता नहीं है, इसलिए मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। इसके बाद आंखों के आंसू लिए परिजन उसी ऑटो से महिला को वापस लेकर लौट गए। 
विज्ञापन
son reached sn medical college with lifted ill father in the lap in agra
एसएन में बेड नहीं मिलने के कारण कार में बैठी मरीज - फोटो : अमर उजाला
गैर कोविड मरीजों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ओपीडी बंद चल रही है। निजी अस्पताल भी कोरोना संक्रमित भर्ती किए जा रहे हैं। ऐसे में गैर कोविड मरीजों को भटकना पड़ रहा है। सोमवार को हाथरस से सीताराम खुद को दिखाने के लिए बेटे के साथ आए। उन्हें पेट में दर्द हो रहा था। वह यमुनापार के तीन अस्पतालों में गए, लेकिन देखने से मना कर दिय गया। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed