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ताजमहल पर 'चमकी' देखने को पर्यटक बेताब, दूधिया रोशनी में नहाया 'संगमरमरी हुस्न'
Sun, 13 Oct 2019 10:28 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 13 Oct 2019 10:28 AM IST
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ताजमहल का नाइट व्यू
- फोटो : अमर उजाला
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शरद पूर्णिमा पर ताजमहल की ‘चमकी’ देखने के लिए पर्यटक बेताब हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रविवार को नाइट व्यू देखने के लिए टिकट की मारामारी रही। टिकट न मिलने पर हंगामा भी हुआ। बड़ी मुश्किल से लोग समझे।
ताजमहल का नाइट व्यू
- फोटो : अमर उजाला
शरद पूर्णिमा पर ताजमहल का नाइट व्यू शनिवार से शुरू हो गया। पहले दिन सभी टिकट बिक गए। लेकिन, रविवार को शरद पूर्णिमा पर चांदनी रात में ताजमहल के दीदार को लेकर पर्यटक काफी उत्साहित हैं। इसके लिए शनिवार सुबह से ही माल रोड स्थित पुरातत्व विभाग कार्यालय पर टिकट लेने के लिए लाइन लग गई। चूंकि एक दिन में सिर्फ 400 टिकट ही दिए जा सकते हैं। दोपहर एक बजे से पहले ही सभी टिकट बिक गए। इसके बाद भी यहां लाइन लगी रही। टिकट न मिलने पर कुछ पर्यटकों ने हंगामा भी किया। नाइट व्यू के दौरान 30-30 मिनट की आठ शिफ्टों में चांदनी रात में स्मारक का दीदार कराया जाता है।
शरद पूर्णिमा पर ताजमहल की दीदार
- फोटो : अमर उजाला
शरद पूर्णिमा पर पूरा चंद्रमा निकलता है। इसी दूधिया रोशनी में संगमरमरी स्मारक चमक उठता है। स्मारक में जड़े बेशकीमती पत्थरों से जब चंद्रमा की किरणें टकराती हैं, तब वह चमकती हैं। इसी को लोग ‘चमकी’कहने लगे।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
शरद पूर्णिमा से पहले शनिवार को ताजमहल पर काफी भीड़ रही। 45 हजार से अधिक पर्यटक ताज देखने पहुंचे। इससे स्मारक पर व्यवस्थाएं चरमरा गईं। बुकिंग विंडो से लेकर प्रवेश गेट तक लंबी लाइन लग गई। पर्यटकों के बीच नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। सुरक्षाकर्मियों को व्यवस्थाएं सुचारु रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 1985 तक ताजमहल परिसर में शरद पूर्णिमा पर मेला लगता था। इसी के परिसर में स्टॉल लगते थे। देर रात तक लोग न सिर्फ चांदनी रात में ताज का दीदार करते थे, बल्कि यहां खानपान का भी आनंद लेते थे।