तीन साल से ताजनगरी की सड़कें बदहाल पड़ी हैं। सुधार के तमाम दावों के बाद भी हकीकत यह है कि शहर से लेकर देहात तक जगह-जगह सड़कें खोदी हुई पड़ी हैं। सड़कों में गड्ढों और बारिश के कारण कीचड़ से लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। शनिवार को कीचड़ में बाइक फिसलने से एत्माद्दौला में मंडी समिति चौकी पर तैनात दरोगा रामचंद्र राठौर ट्रक की चपेट में आ गए थे। हादसे में उनकी मौत हो गई थी। शहर में सिकंदरा बोदला, लोहामंडी, पश्चिमपुरी, फतेहाबाद रोड, अलबतिया, अवधपुरी, गढ़ी भदौरिया, दहतोरा रोड की कॉलोनियों के तीन लाख से ज्यादा लोगों को ऐसी ही कीचड़ भरी सड़कों से गुजरकर मतदान केंद्रों तक मतदान करने के लिए जाना होगा।
चुनावी वादे-दावे और हकीकत: आगरा में गड्ढे और कीचड़ भरी सड़कों से गुजर कर तीन लाख लोग करेंगे मतदान
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 24 Jan 2022 09:49 AM IST
सार
तीन साल से ताजनगरी की सड़कें बदहाल पड़ी हैं। सुधार के तमाम दावों के बाद भी हकीकत यह है कि शहर से लेकर देहात तक जगह-जगह सड़कें खोदी हुई पड़ी हैं। कीचड़ से बदहाल इन्हीं सड़कों से गुजरकर लोग मतदान करने जाएंगे। राह निकलने में परेशानी तो होगी पर लोग मतदान जरूर करें। आपका यही वोट आपको इस परेशानी से निजात दिला सकता है।
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