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आगरा में दरोगा की हत्या: नम आंखों के साथ शहीद को अंतिम विदाई, अधिकारियों ने दिया अर्थी को कंधा
Thu, 25 Mar 2021 11:49 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 25 Mar 2021 11:49 AM IST
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दरोगा को नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के थाना खंदौली में शहीद दरोगा प्रशांत कुमार यादव को गुरुवार सुबह पुलिस लाइन में अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान एडीजी राजीव कृष्ण, आईजी ए सतीश गणेश, डीएम पीएन सिंह, राज्यमंत्री डा. जीएस धर्मेश, एसएसपी बबलू कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शहीद प्रशांत को सलामी दी। इसके बाद अर्थी को कंधा दिया। परिजन पार्थिव शरीर को बुलंदशहर पैतृक गांव लेकर गए हैं। पुलिस भी गांव तक गई। पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों के साथ ही राज्य मंत्री डा. जीएस धर्मेश और विधायक राम प्रताप चौहान भी मौजूद रहे। राज्यमंत्री ने परिजनों को 50 लाख की सहायता राशि का चेक दिया। उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
प्रशांत का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
थाना खंदौली में तैनात दरोगा प्रशांत कुमार यादव मूलरूप से बुलंदशहर के छतारी के रहने वाले थे। बुधवार शाम को नहर्रा गांव में दो भाइयों विश्वनाथ और शिवनाथ के बीच खेत से आलू खोदने को लेकर झगड़े की सूचना पर गए थे। विश्वनाथ को पकड़ने पर तमंचा निकाल लिया था। इसके बाद उसने दरोगा प्रशांत को गोली मार दी थी। उनकी मौत हो गई। बुहस्पतिवार सुबह आठ बजे पोस्टमार्टम के बाद प्रशांत कुमार यादव के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन लाया गया। एडीजी राजीव कृष्ण, आईजी रेंज ए सतीश गणेश, एसएसपी बबलू कुमार, डीएम पीएन सिंह, एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी ग्रामीण सत्यजीत गुप्ता समेत जिले के अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। दरोगा प्रशांत कुमार को सलामी दी गई। पुष्प गुच्छ और पुष्प अर्पित किए गए। परिजन भी मौजूद रहे। इसके बाद परिजन प्रशांत के पार्थिव शरीर को लेकर बुलंदशहर के पैतृक गांव छतारी लेकर रवाना हो गए।
प्रशांत का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
गांव नहर्रा में अकेले दरोगा प्रशांत कुमार यादव को एक सिपाही चंद्रसेन के साथ भेजने पर परिजनों ने आक्रोश व्यक्त किया था। थाना खंदौली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। शव को नहीं ले जाने दिया था। पुलिस देर रात दो बजे तक परिजनों को समझाती रही। परिजन हत्यारोपी की गिरफ्तारी पर अड़ गए थे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाया। कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा। इसके बाद ही परिजन माने। रात तकरीबन ढाई बजे पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
आगरा में दरोगा की हत्या: घर में इकलौते बेटे थे प्रशांत यादव, पत्नी और मां का चीत्कार सुनकर पुलिसकर्मियों के निकले आंसू
आगरा में दरोगा की हत्या: घर में इकलौते बेटे थे प्रशांत यादव, पत्नी और मां का चीत्कार सुनकर पुलिसकर्मियों के निकले आंसू
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आगरा में विलाप करता दरोगा का परिवार और प्रशांत का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बुलंंदशहर के छतारी के रहने वाले प्रशांत कुमार यादव वर्ष 2011 बैच के सिपाही थे। वर्ष 2015 में दरोगा की सीधी भर्ती निकलने पर प्रशांत परीक्षा में बैठ गए थे। प्रशांत भर्ती परीक्षा में सफल होने के बाद वह सीधे दरोगा बने थे। प्रशिक्षण के दौरान भर्ती पर स्टे लग गया था। इस कारण उन्हें आठ महीने तक घर पर रहना पड़ा। वह साथियों के संपर्क में रहते थे। उन्होंने सभी को प्रतीक्षा रखने के लिए कहा था। अगस्त 2017 में प्रशांत यादव और उनके बैच के 150 दरोगा को पहली तैनाती आगरा में मिली थी। कुछ समय पहले थाना हरीपर्वत में तैनात थे। उनको पालीवाल चौकी प्रभारी बनाया गया था। उनका तबादला खंदौली हो गया था। उनके साथियों ने बताया कि दरोगा प्रशांत अपने बैच के सभी साथियों में अलग स्वभाव के थे। हमेशा शांत रहते थे। वह लोगों के बीच घुल-मिलकर समस्या का समाधान करते थे।
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घटनास्थल पर पुलिस के आला अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार शाम को पुलिस ने परिवार के लोगों को बताया। तभी मां, पत्नी बेटे के साथ पहुंची। पत्नी रेनू बेहोश हो गई और मां गायत्री बेसुध हो गईं। मां रोये जा रही थीँ। वह बार-बार एक ही बात कह रही थी बेटे तुम कहां चले गए, तुम ही तो मेरा सहारा थे। अब किसे बेटा कहकर पुकारूंगी। वहीं पत्नी रेेेनू जब भी होश में आती, रोने लगती। उन्हें महिला पुलिसकर्मी किसी तरह संभाल रही थीं। बेटा पार्थ समझ नहीं पा रहा था आखिर पिता कहां चले गए हैं। वह मां और दादी के पास जाकर खुद भी रोने लगता। यह देखकर सीएचसी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की आंखें भी नम हो गईं। परिजनों ने बताया कि प्रशांत ने दोपहर में ही पत्नी और मां से बात की थी। रात में समय पर आने के लिए कहा था। बेटा पिता को याद करे जा रहा था।