उत्तर प्रदेश में डेंगू-वायरल बुखार का प्रकोप है। स्वास्थ्य विभाग और शासन सुविधाओं और व्यवस्थाओं के लाख दावे कर रहा हो लेकिन मैनपुरी जनपद में नगला धर्मपाल में जो तस्वीर सामने आई है वो स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलने वाली है। वैसे तो इस गांव में हर घर में मरीज है लेकिन अभी तक करीब दो सौ लोग बुखार से ग्रसित हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में एक किशोरी सहित दो मरीजों की बुखार से मौत हो चुकी है। आम दिनों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं मिलना दुश्वार है वहीं संक्रामक बीमारियों के समय हालत बद से बदतर है। एक निजी क्लीनिक पर मरीजों को फर्श पर गद्दे बिछाकर इलाज दिया जा रहा है।
व्यवस्था की पोल खोल रहा नगला धर्मपाल: फर्श पर लिटाकर बीमारों का उपचार, बुखार से दो की मौत, मैनपुरी स्वास्थ्य विभाग मौन
हालात यह हैं कि यहां के लोग कस्बे में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। इससे वह एक निजी क्लीनिक पर उपचार ले रहे हैं। क्लीनिक पर मरीज के लिए पलंग नहीं मिल पा रहे हैं, ऐसे में मरीजों को जमीन पर टेंट के गद्दे बिछाकर उपचार दिया जा रहा है। जमीन पर लिटाकर ही मरीजों को ड्रिप चढ़ाई जा रही है।
नगला धर्मपाल में बुखार तेजी से फैल चुका है। विजेंद्र सिंह की 17 वर्षीय पुत्री कोमल को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। गुरुवार की रात उसकी मौत हो गई। यहां के निवासी सूबेदार शाक्य की 60 वर्षीय पत्नी कमला देवी को भी पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। गुरुवार रात उनकी मौत हो गई। नगला धर्मपाल में घर-घर बुखार से पीड़ित मरीज देखे जा रहे हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पीड़ितों से की मुलाकात
नगला धर्मपाल में बुखार से मरीजों की मौत पर गुरुवार को कांग्रेस की जिलाध्यक्ष विनीता शाक्य गांव पहुंचीं। यहां उन्होंने मृतकों के परिवार को सांत्वना दी। वहीं एक निजी क्लीनिक पर उपचार ले रहे मरीजों का हाल भी जाना। उन्होंने मरीजों के बेहतर उपचार के लिए जिला प्रशासन को भी जानकारी दी है।
50 से अधिक लोग जनपद से बाहर ले रहे उपचार
नगला धर्मपाल में बुखार से पीड़ित 50 से अधिक लोग आगरा, दिल्ली, मेडिकल कॉलेज सैफई और फिरोजाबाद में उपचार ले रहे हैं। यहां के लोगों का कहना है कि अभी तक यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम उपचार के लिए नहीं पहुंची। नगर में स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है।
मैनपुरी: झोलाछाप के इलाज से बालक की मौत, पेट दर्द में दी दवा की ओवरडोज से बिगड़ी हालत, क्लीनिक बंद कर भागा