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Agra Weather Update: आंधी-बारिश का कहर, आगरा में 60 की रफ्तार से आई 'आफत', सहम गए लोग; तस्वीरों में देखें मंजर
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 08 Apr 2026 11:38 AM IST
सार
UP Weather Update: तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने शहर और ग्रामीण इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं, मौसम विभाग ने अगले दिन के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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टूट गई छतरी, ऑटो पर गिरी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा में मौसम का मिजाज जनजीवन को लगातार प्रभावित कर रहा है। तीन दिन पहले आई आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के जख्म अभी हरे ही थे कि मंगलवार को एक बार फिर प्रकृति ने रौद्र रूप दिखाया। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी, ओलावृष्टि और बारिश ने शहर से लेकर देहात तक भारी तबाही मचाई। कई जगह यूनिपोल, पेड़ और होर्डिंग गिर गए। जलभराव से मथुरा हाईवे पर जाम भी लग गया। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी कर प्रशासन और लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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बारिश से बचता युवक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीण अंचलों का हाल और खराब रहा। तीन दिन पहले हुई ओलावृष्टि से गेहूं की जो फसल बच गई थी, मंगलवार की तेज हवाओं ने उसे भी जमीन पर बिछा दिया है। बरौली अहीर, बिचपुरी, और खंदौली सहित दर्जनों गांवों में खेतों में कटी पड़ी फसल पानी में उतराने लगी है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, बार-बार भीगने से गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा और उसमें फफूंदी लगने का खतरा बढ़ गया है। किसान नेताओं का कहना है कि पिछली ओलावृष्टि के नुकसान का अभी सर्वे भी शुरू नहीं हो पाया था कि इस दूसरी आपदा ने रही-सही उम्मीद भी खत्म कर दी है। मूंग, टमाटर और बेल वाली सब्जियों की फसलें भी पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर हैं।
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उखड़ गए होर्डिंग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुधवार को भी ऑरेंज अलर्ट
मंगलवार को आगरा का अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री और न्यूनतम 20.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि 2.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। बुधवार को भी 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है।
मंगलवार को आगरा का अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री और न्यूनतम 20.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि 2.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। बुधवार को भी 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है।
आंधी-बारिश से गिरीं फसलें, नुकसान
आंधी-बारिश से गिरीं फसलें, नुकसान
बरौली अहीर। तेज हवाओं के साथ मंगलवार को क्षेत्र में बारिश हुई। इससे खेतों में तैयार गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। तेज हवाओं के साथ गेहूं की फसल गिर गई है। वहीं खेतों में पानी भर जाने से गिरी और कटी फसल के सड़ने, दाना काला पड़ने की आशंका से किसान परेशान हैं। समाज सेवी अश्विनी कुमार वशिष्ठ, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष देवेंद्र रावत, प्रधान बगदा बीपी सिंह, सपा पूर्व जिला सचिव महेंद्र सिंह यादव ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं, खंड विकास अधिकारी बरौली अहीर जीएस यादव ने बताया कि बारिश से किसानों की फसलों के नुकसान का लेखपाल और सचिव से सर्वे कराया जाएगा।
बरौली अहीर। तेज हवाओं के साथ मंगलवार को क्षेत्र में बारिश हुई। इससे खेतों में तैयार गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। तेज हवाओं के साथ गेहूं की फसल गिर गई है। वहीं खेतों में पानी भर जाने से गिरी और कटी फसल के सड़ने, दाना काला पड़ने की आशंका से किसान परेशान हैं। समाज सेवी अश्विनी कुमार वशिष्ठ, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष देवेंद्र रावत, प्रधान बगदा बीपी सिंह, सपा पूर्व जिला सचिव महेंद्र सिंह यादव ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं, खंड विकास अधिकारी बरौली अहीर जीएस यादव ने बताया कि बारिश से किसानों की फसलों के नुकसान का लेखपाल और सचिव से सर्वे कराया जाएगा।
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बारिश के पानी से भीगी गेहूं की फसल। संवाद
बेमौसम बारिश से गेहूं की गुणवत्ता गिरी
विभिन्न क्षेत्रों में मंगलवार को हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी और कटी गेहूं की फसल प्रभावित होने से उत्पादन में गिरावट और गुणवत्ता खराब होने के आसार हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बारिश से भीगी गेहूं की पकी बालियों के दानों का रंग बदल जाता है, जिससे गुणवत्ता घटती है। उन्होंने बताया कि मूंग की फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। अधिक नमी के कारण जड़ों का विकास प्रभावित होता है। बारिश का असर सब्जी फसलों पर भी पड़ा है। लौकी, तोरई, कद्दू, खीरा, ककड़ी और टमाटर में फफूंदीजनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। खेतों में पानी भरने से फसल सड़ने की आशंका है। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है। संवाद
विभिन्न क्षेत्रों में मंगलवार को हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी और कटी गेहूं की फसल प्रभावित होने से उत्पादन में गिरावट और गुणवत्ता खराब होने के आसार हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बारिश से भीगी गेहूं की पकी बालियों के दानों का रंग बदल जाता है, जिससे गुणवत्ता घटती है। उन्होंने बताया कि मूंग की फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। अधिक नमी के कारण जड़ों का विकास प्रभावित होता है। बारिश का असर सब्जी फसलों पर भी पड़ा है। लौकी, तोरई, कद्दू, खीरा, ककड़ी और टमाटर में फफूंदीजनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। खेतों में पानी भरने से फसल सड़ने की आशंका है। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है। संवाद